Hearing Of Notified Voters To Be Done Via Video Call New Initiative By Election Commission
विडियो कॉल से आयोग करेगा नोटिस वाले वोटरों की सुनवाई
नवभारत टाइम्स•
चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए बड़ी सुविधा शुरू की है। अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। नोटिस वाले वोटरों की सुनवाई वीडियो कॉल से होगी। ऑनलाइन जवाब और घर-घर जाकर सत्यापन की भी व्यवस्था की गई है। यह पहल मतदाताओं के लिए बहुत मददगार साबित होगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की पुरानी प्रथा को खत्म कर दिया है। अब मैपिंग नोटिस मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। आयोग डिजिटल माध्यम से और घर पहुंचकर मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करेगा। निर्वाचन प्रशासन ने सत्यापन प्रक्रिया को मतदाता-हितैषी बनाते हुए ऑनलाइन जवाब, वीडियो कॉल पर सुनवाई और घर-घर जाकर सत्यापन जैसी अनूठी पहल शुरू की है।
एसडीएम आशुतोष कुमार ने बताया कि अब निर्वाचन कार्यालय या ब्लॉक स्तर पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की बाध्यता खत्म हो गई है। मतदाता NVSP पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के जरिए घर बैठे ही नोटिस का जवाब दे सकते हैं। इसके लिए उन्हें सिर्फ अपना EPIC नंबर या नोटिस नंबर दर्ज करना होगा और पहचान व पते से संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इस डिजिटल व्यवस्था से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि निर्वाचन कार्यालयों में लगने वाली अनावश्यक भीड़ भी कम होगी। यह कदम खासकर कामकाजी लोगों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।डीएम मेधा रूपम ने बताया कि जिले में करीब 1.7 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जो वर्तमान में अनमैप्ड श्रेणी में हैं। इन मतदाताओं के सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने एक नई रणनीति बनाई है। जिन मतदाताओं के लिए व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में शामिल होना संभव नहीं है, उनके लिए पहली बार वीडियो कॉल के जरिए सुनवाई की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए प्रशासन की टीमें सीधे मतदाताओं के घर पहुंचेंगी।
यह नई पहल मतदाताओं को सशक्त बनाती है। अब उन्हें अपने हक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। चुनाव आयोग की यह पहल लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों का एक अहम हिस्सा है, जो मतदाताओं को सुविधा और सुरक्षा प्रदान करती है। यह सुनिश्चित करता है कि हर योग्य मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
पहले मतदाताओं को अक्सर अपने नाम में सुधार, पते में बदलाव या नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इसमें काफी समय और पैसा खर्च होता था। कई बार तो लंबी कतारों में खड़े-खड़े लोग थक जाते थे। लेकिन अब यह सब बीते दिनों की बात हो गई है। चुनाव आयोग ने तकनीक का इस्तेमाल करके इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।
वोटर हेल्पलाइन ऐप और NVSP पोर्टल के माध्यम से मतदाता घर बैठे ही अपने सभी काम निपटा सकते हैं। उन्हें बस अपना EPIC नंबर या नोटिस नंबर डालना होगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। यह सब कुछ बहुत ही सुरक्षित तरीके से किया जाएगा। अगर किसी को ऑनलाइन जवाब देने में दिक्कत हो रही है, तो वे वीडियो कॉल के जरिए भी अपनी बात रख सकते हैं। प्रशासन की टीमें खुद घर आकर भी सत्यापन करेंगी। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि कोई भी मतदाता किसी भी कारण से वोट देने से वंचित न रह जाए।
यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए बहुत मददगार है जो दूरदराज के इलाकों में रहते हैं या जिनके पास समय की कमी है। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता भी अब बिना किसी परेशानी के अपने मतदाता संबंधी कार्यों को पूरा कर सकते हैं। यह चुनाव आयोग की एक सराहनीय पहल है जो मतदाताओं को सुविधा देने के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और कुशल बनाती है।