रिकवरी एजेंटों की बदतमीजी पर बैंक होंगे ज़िम्मेदार: RBI

नवभारत टाइम्स

अब लोन रिकवरी के नाम पर ग्राहकों को परेशान नहीं किया जा सकेगा। भारतीय रिज़र्व बैंक ने नए नियम जारी किए हैं। एजेंटों की कॉल रिकॉर्ड होगी और उन्हें ग्राहकों से सलीके से बात करनी होगी। शाम 7 बजे के बाद फोन नहीं किया जा सकेगा। गमी, शादी या त्योहार जैसे मौकों पर रिकवरी के लिए संपर्क नहीं किया जाएगा।

रिकवरी एजेंटों की बदतमीजी पर बैंक होंगे ज़िम्मेदार: RBI
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

NBT रिपोर्ट, मुंबई: अब लोन रिकवरी के नाम पर बैंक या उनके एजेंट ग्राहकों को डरा-धमका नहीं पाएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को शेड्यूल्ड कमर्शल बैंकों (रीजनल रूरल बैंकों को छोड़कर) और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों (HFCs) के लिए लोन रिकवरी को लेकर नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, एजेंटों की हर कॉल रिकॉर्ड होगी और उन्हें ग्राहकों से सलीके से बात करनी होगी। इतना ही नहीं, गमी, शादी या त्योहार जैसे मौकों पर रिकवरी के लिए फोन करना या घर जाना भी अब बंद करना होगा। इन नियमों के तहत अब रिकवरी एजेंटों को खास ट्रेनिंग लेना जरूरी होगा। ये नए निर्देश इस साल 1 जुलाई से लागू होंगे।

RBI ने साफ कर दिया है कि बैंक अपने द्वारा रखे गए एजेंटों के व्यवहार के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। साथ ही, नियम बनाया गया है कि एजेंट शाम 7 बजे के बाद ग्राहकों को फोन नहीं करेंगे। आरबीआई ने कहा कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिकवरी एजेंट ग्राहक को जो भी कॉल करे, वह रिकॉर्ड की जाए। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने इस बात पर जोर दिया है कि एजेंट ग्राहक से हमेशा सभ्य तरीके (civil manner) से बात करे।