Iran Tensions Indias Oil Supply At Risk Difficulties May Increase
तेल की सप्लाई पर होगा असर?
नवभारत टाइम्स•
ईरान और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते तनाव से तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत जैसे देश के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकती है। कच्चे तेल के लिए भारत खाड़ी देशों पर निर्भर है। आने वाले दिनों में बाजार में सतर्कता बनी रहेगी।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव से भारत की तेल सप्लाई पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत कच्चे तेल के लिए खाड़ी देशों पर बहुत निर्भर है। इस स्थिति को देखते हुए, बाजार में आने वाले दिनों में सतर्कता बनी रहेगी। निवेशकों की निगाहें अब शुक्रवार को जारी होने वाले मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI आंकड़ों, अमेरिकी महंगाई दर (CPI) और चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर टिकी हैं।
ईरान और अन्य खाड़ी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। भारत जैसे देश के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल इन्हीं देशों से आयात करता है। अगर तेल की सप्लाई बाधित होती है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ पड़ेगा।इस अनिश्चितता के माहौल में, शेयर बाजार के निवेशक भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। वे आने वाले आर्थिक आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े जारी होंगे। ये आंकड़े इन सेक्टरों की सेहत का हाल बताएंगे। इसके अलावा, अमेरिका से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) यानी महंगाई दर के आंकड़े भी आएंगे। साथ ही, चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े भी जारी होंगे। ये सभी आंकड़े वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।