RBI अफसर बन ~1.90 करोड़ की ठगी में खाताधारक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद पुलिस ने आरबीआई अधिकारी बनकर एक करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में खाताधारक नदीम अहमद भी शामिल है। ठगों ने पीड़ित से जांच के नाम पर आरटीजीएस के माध्यम से पैसे मंगवाए थे।

rbi officer impersonation 190 crore fraud account holder and three others arrested
फरीदाबाद में आरबीआई अधिकारी बनकर एक व्यक्ति से 1 करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में आसिफ, काशिफ आजम और नदीम अहमद शामिल हैं। यह ठगी 6 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब पीड़ित को एक कॉल आई जिसमें उसे वाई-फाई कनेक्शन कटने की धमकी दी गई। इसके बाद, आरबीआई कर्मचारी बनकर एक ठग ने पीड़ित से जांच के नाम पर उसके फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के पैसे आरबीआई के बताए खातों में जमा करने को कहा। पीड़ित ने आरटीजीएस के माध्यम से कुल 1 करोड़ 90 लाख 78 हजार रुपये इन खातों में भेज दिए, लेकिन बाद में उसे कोई पैसा वापस नहीं मिला। पुलिस ने पूछताछ के बाद खुलासा किया कि तीनों आरोपी आपस में मिले हुए थे और उन्होंने नदीम अहमद का खाता ठगी के पैसे जमा करने के लिए इस्तेमाल किया। नदीम के खाते में ठगी के 26 लाख 60 हजार रुपये आए थे।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि साइबर थाना सेंट्रल में सेक्टर 29 के रहने वाले एक व्यक्ति ने इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 6 दिसंबर 2025 को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एयरटेल हेडक्वार्टर गुड़गांव का कर्मचारी बताया और कहा कि उनका वाई-फाई कनेक्शन काटा जा रहा है। इसके तुरंत बाद, पीड़ित के वॉट्सऐप पर एक और अनजान नंबर से कॉल आई। इस बार कॉल करने वाले ने खुद को आरबीआई का कर्मचारी बताया। उसने पीड़ित से कहा कि जांच के लिए, उसके खातों में जो एफडी का पैसा है, उसे आरबीआई पोर्टल के अनुसार बताए गए खातों में जमा कर दे।
ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने उनकी बातों पर यकीन कर लिया। उसने आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजैक्शन करके कुल 1 करोड़ 90 लाख 78 हजार रुपये ठगों द्वारा बताए गए खातों में भेज दिए। यह एक बहुत बड़ी रकम थी। लेकिन जब पीड़ित को कुछ समय बाद भी कोई पैसा वापस नहीं मिला और ठगों से संपर्क नहीं हो पाया, तब उसे समझ आया कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।

पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि पकड़े गए तीनों आरोपी आसिफ, काशिफ आजम और नदीम अहमद आपस में एक-दूसरे को जानते थे। आरोपी आसिफ और काशिफ आजम ने मिलकर नदीम अहमद का बैंक खाता ठगी के पैसे जमा करने के लिए इस्तेमाल किया। नदीम अहमद, जो प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है, ने अपना खाता इन ठगों को दे दिया। ठगी की गई रकम में से 26 लाख 60 हजार रुपये सीधे नदीम अहमद के खाते में आए थे। यह भी पता चला कि आरोपी आसिफ और नदीम अहमद दोनों प्लंबर का काम करते हैं।

फिलहाल, पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ के लिए 3 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से और भी अहम जानकारी मिलेगी और इस ठगी में शामिल बाकी लोगों का भी पता लगाया जा सकेगा। यह मामला ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर करता है, जहां लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।