दो साल बाद भी कानूनगो ने नहीं दी आख्या, नोटिस

नवभारत टाइम्स

मोहनलालगंज तहसील में सीमांकन के मामले दो साल से अटके हैं। कानूनगो की आख्या न आने से पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने इस लापरवाही पर कानूनगो को नोटिस जारी किया है। राजस्व वसूली में पिछड़ने वाले अमीनों पर भी कार्रवाई होगी। लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो साल बाद भी कानूनगो ने नहीं दी आख्या, नोटिस
मोहनलालगंज तहसील में सीमांकन के लिए आवेदन करने वाले पीड़ितों को दो साल बाद भी न्याय नहीं मिला है। डीएम विशाख जी के औचक निरीक्षण में यह चौंकाने वाला मामला सामने आया। कानूनगो की रिपोर्ट न आने के कारण इन मामलों की सुनवाई की तारीख तक तय नहीं हो पाई थी। डीएम ने इस लापरवाही पर कानूनगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही, राजस्व वसूली में पिछड़ने वाले अमीनों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

डीएम विशाख जी ने शुक्रवार को मोहनलालगंज तहसील का अचानक दौरा किया। एसडीएम कोर्ट में जब उन्होंने धारा 24 (सीमांकन) के मामलों की फाइलें देखीं, तो वे हैरान रह गए। कई ऐसी फाइलें थीं जिन्हें दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका था, लेकिन उनकी सुनवाई की तारीख तक नहीं लगी थी। डीएम ने इस देरी पर गहरी नाराजगी जताई और संबंधित कानूनगो को तुरंत कारण बताओ नोटिस थमा दिया। उन्होंने एसडीएम को आदेश दिया कि इन सभी अटके हुए मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए।
इसके अलावा, डीएम ने नायब और तहसीलदार न्यायालयों में दाखिल खारिज (किसी संपत्ति का मालिकाना हक बदलना) के लिए जरूरी दस्तावेजों की एक सूची (SOP) जारी करने के निर्देश दिए। इस सूची को उप निबंधक कार्यालय में चस्पा करने को कहा गया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी मामले में जरूरी सबूतों की कमी के कारण देरी न हो।

डीएम ने दो अमीनों, भाई लाल और बसंत कुमार, के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिए हैं। ये दोनों बड़े बकाएदारों से आरसी (वसूली प्रमाण पत्र) के तहत आने वाली रकम वसूलने में नाकाम रहे हैं। डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिया कि इन अमीनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह कदम राजस्व वसूली में सुधार लाने और सरकारी खजाने को भरने के लिए उठाया गया है। इस निरीक्षण से तहसील में लंबित मामलों और प्रशासनिक सुस्ती पर प्रकाश पड़ा है, और उम्मीद है कि अब पीड़ितों को जल्द राहत मिलेगी।