चुकंदर और पालक से तैयार हर्बल रंगों ने किया आकर्षित

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद में मेगा सेवा शिविर का आयोजन हुआ। जिला न्यायाधीश विनोद सिंह रावत ने इसका उद्घाटन किया। शिविर में कैदियों द्वारा बनाए गए चुकंदर और पालक के हर्बल रंगों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इन रंगों की बिक्री के लिए कोर्ट परिसर में स्टॉल लगाने की अनुमति दी गई। इससे कैदियों के पुनर्वास को बढ़ावा मिलेगा।

beetroot spinach herbal colors made by prisoners become center of attraction stall to be set up in court premises
गाजियाबाद में एक मेगा सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ जिला न्यायाधीश विनोद सिंह रावत ने लाभार्थियों को ट्राई साइकिल और चेक बांटे। इस शिविर में कैदियों द्वारा बनाए गए चुकंदर और पालक से बने हर्बल रंगों को खास बढ़ावा दिया गया। इन रंगों की बिक्री के लिए कोर्ट परिसर में स्टॉल लगाने की अनुमति भी दी गई, ताकि कैदियों के पुनर्वास में मदद मिल सके। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी अपनी बनाई ज्वेलरी और खिलौनों की प्रदर्शनी लगाई।

रविवार को हुए इस मेगा सेवा शिविर में जिला न्यायाधीश विनोद सिंह रावत ने शिरकत की। उन्होंने जरूरतमंदों को ट्राई साइकिल और चेक सौंपकर उनकी मदद की। इस मौके पर उन्होंने जेल में बंद कैदियों के हुनर की भी खूब तारीफ की। कैदियों ने प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करके जो हर्बल रंग बनाए थे, वे खास आकर्षण का केंद्र बने।
खासकर चुकंदर और पालक के रस से तैयार किए गए ये रंग लोगों को बहुत पसंद आए। जिला जज ने कैदियों के इस प्रयास को सराहा और उनकी बिक्री के लिए कोर्ट परिसर में एक स्टॉल लगाने की इजाजत भी दे दी। इससे कैदियों को आर्थिक मदद मिलेगी और उनके पुनर्वास की राह आसान होगी।

इसके अलावा, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी इस शिविर में अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने हाथों से बनाई खूबसूरत ज्वेलरी और बच्चों के लिए प्यारे खिलौनों की प्रदर्शनी लगाई, जिसे लोगों ने खूब सराहा। यह सेवा शिविर जरूरतमंदों की मदद के साथ-साथ कैदियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की एक अच्छी पहल साबित हुई।