केजीएमयू में हॉस्पिटल इन्फर्मेशन सिस्टम की कमी से मरीज परेशान हैं। इंडेंट के लिए दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ता है। यह प्रक्रिया मेडिकल सुपरिटेंडेंट से हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड तक जाती है। एसजीपीजीआई और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान जैसे संस्थानों में यह सुविधा है। केजीएमयू में भी इसे लागू करने के प्रयास चल रहे हैं।
लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ( केजीएमयू ) में हॉस्पिटल इन्फर्मेशन सिस्टम (HIS) की कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सिस्टम के न होने से जरूरी सामान मिलने में कम से कम दो से तीन दिन का समय लग जाता है। यह देरी मरीजों के इलाज में बाधा डाल रही है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. कुमार शांतनु ने बताया कि एसजीपीजीआई और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान जैसे बड़े संस्थानों में HIS की सुविधा पहले से मौजूद है। केजीएमयू में भी इसे जल्द से जल्द लागू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।फिलहाल, केजीएमयू में किसी भी चीज की जरूरत होने पर पहले आवेदन मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) के पास जाता है। वहां से यह मांग हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (HRF) को भेजी जाती है। HRF फिर इस मांग को MS ऑफिस को वापस भेजता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद ही मरीज को आवश्यक सामग्री मिल पाती है। इस लंबी प्रक्रिया के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी तकलीफें बढ़ जाती हैं। HIS सिस्टम लागू होने से यह प्रक्रिया बहुत तेज हो जाएगी और मरीजों को तुरंत राहत मिल सकेगी।