फरसा, हथौड़ी, त्रिशूल, गदा और कुल्हाड़ी वाली पिचकारियाें की डिमांड

Contributed byila|नवभारत टाइम्स

होली के त्योहार के लिए बाजार सज गया है। इस बार शस्त्रों के आकार की पिचकारियां खूब पसंद की जा रही हैं। परशु, हथौड़ी, गदा और त्रिशूल जैसी पिचकारियों की मांग अधिक है। दुकानदार अच्छे मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं। बच्चों में बाहुबली पिचकारी भी लोकप्रिय है। महाकाल, हनुमान और श्री राम के मुखौटे भी बिक रहे हैं।

demand for weapon shaped pichkaris on holi designs inspired by sanatan culture in high demand
गाजियाबाद: होली के रंगों का त्योहार बस आने ही वाला है और बाज़ार पूरी तरह से सज गया है। इस बार होली पर खास तौर पर हथियारों के आकार की पिचकारियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। परशु-फरसा, हथौड़ी, गदा, त्रिशूल और कुल्हाड़ी जैसी पिचकारियां बच्चों और बड़ों दोनों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ये पिचकारियां 250 रुपये से लेकर 550 रुपये तक की मिल रही हैं। दुकानदार इस बार अच्छे मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं।

वैशाली सेक्टर-4 मार्केट के दुकानदार सोनू ने बताया कि इस बार बाज़ार में बिल्कुल नया और थीम वाला सामान आया है। उन्होंने कहा कि हिंदू सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने वाली, ग्रंथों और पुराणों में भगवानों के जिन हथियारों का ज़िक्र है, उन पर आधारित पिचकारियां खूब बिक रही हैं। इस बार उल्टे हाथ की हथौड़ी वाली पिचकारी भी लोगों को बहुत भा रही है। त्रिशूल और गदा के आकार की पिचकारियों की भी ज़बरदस्त मांग है।
इस बार बाज़ार में भगवान महाकाल, हनुमान और श्री राम के मुखौटे भी काफी लोकप्रिय हैं। ये मुखौटे 180 रुपये से लेकर 450 रुपये तक में मिल रहे हैं। छोटे बच्चों के बीच 'बाहुबली' पिचकारी की डिमांड सबसे ज़्यादा है, जिसकी कीमत 300 रुपये से 600 रुपये तक बताई जा रही है।

दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार नए तरह के सामान की वजह से उनकी बिक्री बढ़ेगी और उन्हें दोगुना मुनाफा होगा। होली का त्योहार 4 मार्च को रंगों के साथ मनाया जाएगा, और अभी नौ दिन बाकी हैं, लेकिन बाज़ारों में अभी से ही होली का रंग चढ़ने लगा है। लोग इन अनोखी पिचकारियों और मुखौटों को खरीदकर अपने त्योहार को और भी खास बनाने की तैयारी कर रहे हैं।