धर्म परिवर्तन के बाद कागज़ी कार्रवाई में उलझा परिवार

नवभारत टाइम्स

रायजादगान गांव में एक परिवार ने धर्म परिवर्तन किया है। नए नाम रखने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में पुराने नाम दर्ज हैं। इससे परिवार को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। बच्चों के आधार कार्ड अपडेट हो गए हैं, लेकिन मतदाता सूची में पुराने नाम हैं।

family stuck in paper identity after religious conversion facing problems with old names in government records
कांधला क्षेत्र के रायजादगान गांव में एक परिवार धर्म परिवर्तन के बाद पहचान के कागजी झमेले में फंस गया है। इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने वाले इस परिवार के सरकारी रिकॉर्ड में अभी भी पुराने नाम दर्ज हैं, जिससे उनके रोजमर्रा के काम रुक गए हैं। परिवार ने नए नाम रख लिए हैं और बाकायदा शपथ पत्र भी जमा किए हैं, लेकिन मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में पुराने नाम होने से उन्हें दिक्कतें आ रही हैं।

परिवार के सदस्य संजू, जिनका पुराना नाम उमर था, ने बताया कि उनके दादा अमीचंद का नाम साल 2003 की मतदाता सूची में था। बाद में कुछ पारिवारिक कारणों से उनका परिवार मुस्लिम धर्म में चला गया था। संजू के अनुसार, साल 2021 में उन्होंने पूरे रीति-रिवाज से दोबारा हिंदू धर्म अपनाया और कलक्ट्रेट में शपथ पत्र भी जमा कर दिए।
विकास कुमार, जिनका पुराना नाम राशिद था, ने बताया कि बच्चों के आधार कार्ड और कई अन्य जरूरी दस्तावेजों में तो नए नाम अपडेट हो गए हैं। लेकिन मतदाता सूची में पुराने नाम होने की वजह से उन्हें काफी परेशानी हो रही है। हाल ही में, एक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जब उन्हें नोटिस मिला, तो उन्हें अतिरिक्त प्रमाण देने के लिए कहा गया। इस स्थिति के कारण परिवार के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें आ सकती हैं। यह मामला सरकारी रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया में आ रही खामियों को उजागर करता है।