Half Marathon Message Of Mental Health Awareness Youth Participate In Run For Well being
हाफ मैराथन से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का दिया संदेश
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव यूनिवर्सिटी में हाफ मैराथन का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। मैराथन में युवाओं ने 'मेंटल हेल्थ मैटर्स' का संदेश दिया। सोमवार को भी मानसिक स्वास्थ्य पर कई सत्र होंगे। 'मनो-सुकून' क्लिनिक का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह आयोजन सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देगा।
गुड़गांव यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग ने गुड़गांव पुलिस और इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (IHBAS) के साथ मिलकर चार दिवसीय हॉफ मैराथन का रविवार को आगाज़ किया। इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. संजय कौशिक ने बताया कि युवाओं ने इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. गायत्री रैना ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। मैराथन में शामिल प्रतिभागियों ने 'मेंटल हेल्थ मैटर्स' और ' रन फॉर वेल-बीइंग ' जैसे नारे लगाए।
यह चार दिवसीय कार्यक्रम सोमवार को भी जारी रहेगा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य पर कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे। सोमवार सुबह 8:30 बजे से पंजीकरण शुरू होगा। इस अवसर पर आईएचबीएएस, दिल्ली के निदेशक प्रो. आरके धमीजा मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार साझा करेंगे। रोहतक स्थित पं. बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. एचके अग्रवाल और इंटरनेशनल रोड फेडरेशन के अध्यक्ष (एमेरिटस) केके कापिला विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।कार्यक्रम की एक खास बात यह है कि इस मौके पर 'मनो-सुकून' नाम के एक मानसिक स्वास्थ्य क्लिनिक का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह क्लिनिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद और सलाह देगा। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चा भी होगी। इस चर्चा में जेएनयू के प्रो. मनोज जेना मुख्य वक्ता के तौर पर अपनी बात रखेंगे। दोपहर दो बजे के बाद एक तकनीकी सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसका विषय 'रिकवरी, नवीनीकरण, लचीलापन व समावेशन: क्लिनिकल प्रैक्टिस में नवाचार' होगा। यह सत्र मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे नए और आधुनिक तरीकों पर केंद्रित रहेगा।
इस मैराथन और संगोष्ठी का आयोजन युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने और समाज में इस विषय पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सकेगा और एक स्वस्थ समाज का निर्माण होगा। इस कार्यक्रम में डीन अकादमी अफेयर्स प्रो नीरा वर्मा, डॉ. अशोक खन्ना, डॉ. सागरिका फोगाट और यूनिवर्सिटी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य को एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।