समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जगतगुरु रामभद्राचार्य पर निशाना साधा। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में भी बयान दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज में शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे। उस समय कड़ाके की ठंड थी। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में किसी संत को स्नान से रोकने की घटना पहले नहीं हुई, लेकिन इस बार ऐसा देखने को मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपमानित करने के लिए 20 साल पुरानी घटना सामने ला रही है। अखिलेश ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता रामभद्राचार्य का शिष्य है तो उनसे गलती हुई। रामभद्राचार्य पर 420 का मुकदमा था, जिसे उनकी सरकार ने वापस लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें जेल भेज देना चाहिए था। साथ ही उन्होंने कहा कि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों को सम्मानित किए जाने पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब शिखा पकड़कर अपमानित किया जा रहा था, तब बीजेपी के नेता कहां थे।



