Crores Defrauded In The Name Of Investment Friend Accuses Of Absconding With Crores
निवेश से मुनाफे का वादा कर करोड़ों ले हुआ फरार
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव में एक व्यक्ति ने अपने दोस्त पर ट्रेडिंग में निवेश के बहाने करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। आरोपी ने 20 से 30 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर करीब 2.73 करोड़ रुपये लिए थे। पैसे वापस मिलने की उम्मीद में पीड़ित ने कई बार निवेश किया।
गुड़गांव में एक शख्स को ट्रेडिंग में करोड़ों की ठगी का शिकार बनाया गया है। सुशांत लोक निवासी सयम ने अपने दोस्त दाविन्द्र वर्मा पर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब 2.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगाया है। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के बाद डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
सयम ने पुलिस को बताया कि उनकी दोस्ती 2011-12 में दाविन्द्र वर्मा से हुई थी। दाविन्द्र, जो पहले एक आयुर्वेदिक कंपनी में काम करता था, ने बाद में 'उड़ान' नाम से हेल्थ प्रॉडक्ट बेचने वाली कंपनी खोली। 2022 में दाविन्द्र ने सयम को बताया कि उसने कंपनी बंद कर दी है और अब ट्रेडिंग शुरू कर दी है। उसने सयम को ट्रेडिंग में 20 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का लालच दिया।इस लालच में आकर सयम ने पहले अपने भाई के अकाउंट से पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए। शुरुआत में दाविन्द्र ने कुछ रिटर्न भी दिया, जिससे सयम का भरोसा बढ़ गया। कुछ महीने बाद, दाविन्द्र ने एक नई कंपनी में निवेश का प्रस्ताव दिया और दुबई टूर व और भी ज्यादा मुनाफे का वादा किया। सयम और उसके कुछ परिचितों ने मिलकर इस नई कंपनी में करीब 1.50 करोड़ रुपये लगा दिए।
लेकिन, कुछ समय बाद मुनाफा आना बंद हो गया। आरोपी दाविन्द्र ने नुकसान का बहाना बनाकर और पैसे निवेश करने के लिए कहा। पीड़ित सयम ने अलग-अलग समय पर और भी पैसे जमा करवाए। आरोप है कि कुल 2.73 करोड़ रुपये निवेश करने के बावजूद सयम को केवल करीब 20 लाख रुपये ही वापस मिले।
जब सयम ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। लेकिन, दिसंबर 2025 के बाद दाविन्द्र ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और घर छोड़कर फरार हो गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। यह मामला निवेशकों के लिए एक चेतावनी है कि वे किसी भी निवेश से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें और किसी भी लुभावने वादे पर तुरंत भरोसा न करें।