Manual Challans Closed Cctv Cameras To Increase In Gurugram Traffic Violations Will Now Be Captured By Cameras
मैनुअल चालान खत्म करने की तैयारी, CCTV बढ़ेंगे
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव में अब मैनुअल चालान बंद होंगे। ट्रैफिक पुलिस की समस्याओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आने वाले समय में चालान केवल सीसीटीवी कैमरों से ही काटे जाएंगे। दिसंबर तक शहर में 2722 कैमरे लगाने का लक्ष्य है। ये कैमरे इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे। केवल ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में ही मैनुअल चालान होंगे।
गुड़गांव में अब ट्रैफिक पुलिस लोगों से बहस नहीं करेगी। मैनुअल चालान बंद होने वाले हैं। अब सिर्फ सीसीटीवी कैमरों से चालान कटेंगे। यह फैसला ट्रैफिक पुलिस की लोगों से होने वाली बहस और मैनपावर की कमी को देखते हुए लिया गया है। जीएमडीए ने कैमरों के लिए 40 किलोमीटर एरिया में फाइबर केबल बिछा दी है। दिसंबर तक शहर में 2722 कैमरे लग जाएंगे। ये सभी कैमरे जीएमडीए के सेक्टर-44 ऑफिस और सुशांतलोक वन में बने ट्रैफिक टावर से जुड़ेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए जीएमडीए को पीडब्ल्यूडी से एनओसी मिल गई है। एनएचएआई और फॉरेस्ट से एनओसी अभी बाकी है। सिर्फ ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में ही मैनुअल चालान काटे जाएंगे।
गुड़गांव, जिसे साइबर सिटी भी कहा जाता है, में ट्रैफिक नियमों को लेकर एक बड़ा बदलाव होने वाला है। अब सड़कों पर मैनुअल चालान का सिस्टम खत्म हो जाएगा। इसकी जगह पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम ट्रैफिक पुलिस के लिए भी राहत भरा होगा, क्योंकि इससे लोगों के साथ होने वाली बहस और मैनपावर की कमी जैसी समस्याएं कम होंगी।इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए, जीएमडीए (गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने कमर कस ली है। कैमरों को लगाने के लिए दूसरे फेज में अब तक 40 किलोमीटर एरिया में फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। जहां-जहां केबल बिछाई गई है, वहां-वहां अब कैमरे लगाने के लिए पोल लगाए जा रहे हैं। दिसंबर 2023 तक शहर में कुल 2722 कैमरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
ये सभी हाई-टेक कैमरे जीएमडीए के सेक्टर-44 स्थित इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ेंगे। इसके अलावा, सुशांतलोक वन में हाल ही में बनाए गए ट्रैफिक टावर से भी ये कैमरे कनेक्ट होंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जीएमडीए को पीडब्ल्यूडी (पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट) से जरूरी एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) मिल चुकी है। हालांकि, एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से एनओसी अभी मिलनी बाकी है।
यह भी तय किया गया है कि कुछ खास मामलों में ही मैनुअल चालान जारी किए जाएंगे। सिर्फ ड्रिंक एंड ड्राइव यानी नशे में गाड़ी चलाने के मामलों में ही ट्रैफिक पुलिस मैनुअल चालान काटेगी। बाकी सभी तरह के ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए कैमरे ही चालान काटने का काम करेंगे। इस बदलाव से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होने और नियमों का पालन कराने में आसानी होने की उम्मीद है।