कोर्ट के आदेश के बाद हुई है कार्रवाई

नवभारत टाइम्स

कोर्ट के आदेश के बाद राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गाटा संख्या 1608 पर नपाई की गई। इस जमीन पर आठ मकान अवैध रूप से बने थे। अधिकारियों ने इन मकानों को हटा दिया है। यह जमीन खाद के गड्ढे और ग्राम समाज के लिए आरक्षित थी। न्यायालय ने धारा 67 के तहत यह आदेश पारित किया था।

8 illegal houses built on government land demolished on court order
राजस्व विभाग ने सोमवार को गाटा संख्या 1608 पर नपाई की। इस दौरान नायब तहसीलदार बबलू कुमार और हल्का लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार भी मौजूद थे। अधिकारियों ने पाया कि 1700 वर्गमीटर की यह जमीन खाद के गड्ढे और ग्राम समाज के लिए आरक्षित थी। लेकिन, इस जमीन के आधे हिस्से पर लोगों ने अवैध रूप से आठ मकान बना लिए थे। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षित भूमि पर बने इन मकानों को हटाने के लिए न्यायालय से धारा 67 के तहत आदेश जारी किए गए हैं। अय्यूब हसन कामिल, मौ. हसन, चांद, असकरी, अली हसन और जुल्फेकार के मकान इस कार्रवाई में अवैध पाए गए हैं।

यह जमीन असल में गांव के विकास और खाद के गड्ढे बनाने के लिए सरकारी तौर पर तय की गई थी। लेकिन, कुछ लोगों ने इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया। उन्होंने इस कीमती जमीन पर आठ मकान खड़े कर दिए। यह सब तब हुआ जब राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जमीन की पैमाइश की।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने साफ किया कि यह जमीन ग्राम समाज की है और इस पर किसी भी तरह का निर्माण अवैध है। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने धारा 67 के तहत इन अवैध निर्माणों को गिराने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद ही यह कार्रवाई की जा रही है। जिन लोगों के मकानों पर बुलडोजर चलेगा, उनके नाम अय्यूब हसन कामिल, मौ. हसन, चांद, असकरी, अली हसन और जुल्फेकार हैं। यह सब सरकारी नियमों के उल्लंघन का नतीजा है।