ठंड व पलूशन की वजह से बढ़ रही सांस के मरीजों की संख्या

नवभारत टाइम्स

ठंड और प्रदूषण के कारण गाजियाबाद में सांस, बुखार और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी बार एडवाइजरी जारी की है। गाजियाबाद का एक्यूआई 376 दर्ज किया गया है। लोनी, संजय नगर और इंदिरापुरम में भी एक्यूआई खराब श्रेणी में है। हवा रुकने से प्रदूषण बढ़ा है। अगले हफ्ते बारिश की संभावना है।

double attack of cold and pollution number of respiratory patients increased health department issues advisory
गाजियाबाद में मकर संक्रांति के बाद भी ठंड और कोहरे का कहर जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे लोगों को कंपकंपी छूट गई। हालांकि, दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। इस ठंड और प्रदूषण के कारण निमोनिया, बुखार और सांस की बीमारियों के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने के लिए दूसरी बार एडवाइजरी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 376 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है। लोनी में यह 402, संजय नगर में 342 और इंदिरापुरम में 335 रहा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से हवा चलने के कारण AQI कम था, लेकिन अचानक हवा रुकने से प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि अगले एक हफ्ते बाद ही लोगों को बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस बीच, ठंड और प्रदूषण का दोहरा मार झेल रहे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने के लिए सावधानी बरतनी होगी।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बेवजह घर से बाहर न निकलें, खासकर सुबह और शाम के समय जब ठंड और प्रदूषण दोनों ज्यादा होते हैं। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क का प्रयोग करें और गर्म कपड़े पहनें। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।