फुटपाथ पर बसों का कब्ज़ा, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

नवभारत टाइम्स

ट्रांस हिंडन में फुटपाथ पर निजी स्कूल बसों और प्राइवेट बसों का कब्जा है। इससे पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा कर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस पर सवाल उठाए हैं। इंदिरापुरम में साइकल ट्रैक को भी तोड़ा गया है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सड़क पर चलने को मजबूर हैं।

illegal occupation of footpaths by buses in trans hindon public outrage on social media questions raised on administration
ट्रांस हिंडन में फुटपाथ पर निजी स्कूल बसों और प्राइवेट बस मालिकों का अवैध कब्जा लगातार बढ़ रहा है। इससे आम लोगों को चलने में भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोग पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने तस्वीरें और वीडियो शेयर कर प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से सवाल पूछे हैं। शुक्रवार को इंदिरापुरम के हालात सामने आए, जहां साइकल ट्रैक को भी बसों की पार्किंग के लिए तोड़ दिया गया। कई जगहों पर फुटपाथ पूरी तरह बसों से घिरे हैं, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सड़क पर चलने को मजबूर हैं। इससे हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। वसुंधरा और वैशाली के लोगों ने भी ट्रैफिक प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय अधिकारियों को टैग कर शिकायत की थी। प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन शुक्रवार को भी कोई कदम नहीं उठाया गया।

ट्रांस हिंडन इलाके में फुटपाथ पर निजी स्कूल बसों और प्राइवेट बस मालिकों का कब्जा एक गंभीर समस्या बन गया है। लोग पैदल चलने के लिए बने फुटपाथ का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से उन्हें सड़क पर चलना पड़ रहा है, जो बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए खतरनाक है।
स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया है। वे लगातार तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं। इन तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि कैसे फुटपाथ पर बसें खड़ी हैं। इंदिरापुरम में तो साइकल ट्रैक को भी तोड़कर बसों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

लोगों का गुस्सा प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के प्रति है। वे सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर यह अवैध कब्जा कब हटेगा। पिछले दिनों वसुंधरा और वैशाली के लोगों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन्होंने ट्रैफिक प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय अधिकारियों को टैग किया था।

प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया था कि इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, शुक्रवार को भी स्थिति जस की तस बनी रही। मौके पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द फुटपाथ खाली कराया जाए ताकि वे सुरक्षित रूप से चल सकें।

यह स्थिति न केवल आम लोगों के लिए परेशानी का सबब है, बल्कि इससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। जब लोग सड़क पर चलने को मजबूर होंगे, तो दुर्घटनाएं होना स्वाभाविक है। इसलिए, प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।