Cyber Thugs Extort 15 Lakh By Threatening To Cut Water Connection Fraud Also Reported In Opening Jan Aushadhi Kendra
पहले "13 ट्रांसफर कराए, फिर फोन हैक कर िनकाले डेढ़ लाख
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद के साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को पानी का कनेक्शन काटने की धमकी दी। पहले 13 रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद फोन हैक कर खाते से करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एक अन्य मामले में जन औषधि केंद्र खोलने के नाम पर 61 हजार 450 रुपये ठगे गए।
फरीदाबाद में साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के नए-नए तरीके अपनाए हैं। एक मामले में, पानी का कनेक्शन काटने की धमकी देकर एक व्यक्ति से पहले 13 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। फिर, उसका फोन हैक कर लिया गया और उसके खाते से करीब 1 लाख 64 हजार रुपये उड़ा दिए गए। वहीं, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के नाम पर भी एक व्यक्ति से कुल 61,450 रुपये ठग लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर लिया है।
सेक्टर-32 के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि 15 नवंबर को उनके वॉट्सऐप पर राहुल सिंह नाम के एक ठग का मैसेज आया। उसने खुद को फरीदाबाद नगर निगम का कर्मचारी बताया। जब पीड़ित ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो ठग ने कहा कि पानी के बिल का भुगतान काफी समय से बकाया है और अगर जल्द भुगतान नहीं किया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। ठग ने पीड़ित से बकाया राशि का भुगतान करने के लिए कहा और हरियाणा अर्बन लोकल बॉडी का एक लिंक भेजा। पीड़ित ने लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भरी और सबमिट कर दी। साथ ही, यूपीआई से 13 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, पीड़ित के मोबाइल पर एक ओटीपी आया। ओटीपी दर्ज करते ही कॉल कट गई और उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद, ठगों ने उनके अकाउंट से 1 लाख 64 हजार रुपये निकाल लिए।एक अन्य मामले में, भूड़ कॉलोनी के रहने वाले गौरव गोयल ने पुलिस को शिकायत दी कि वह प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलना चाहते थे। इंटरनेट पर सर्च करते समय उन्हें एक ठग का फोन आया। ठग ने उन्हें जन औषधि केंद्र खोलने का तरीका बताया और वॉट्सऐप पर एक फॉर्म भेजा। गौरव ने फॉर्म भरकर उसी नंबर पर वापस भेज दिया। 28 नवंबर को ठग ने फोन करके कहा कि वह एक अकाउंट नंबर भेज रहा है, जिसमें रजिस्ट्रेशन चार्ज के तौर पर 5000 रुपये भेजने होंगे। गौरव ने 5000 रुपये भेज दिए। इसके बाद, ठग ने एग्रीमेंट के नाम पर 24 हजार रुपये मांगे, जो उन्होंने ट्रांसफर कर दिए। इस तरह, कई चरणों में ठगों ने गौरव से कुल 61,450 रुपये ठग लिए। पुलिस ने दोनों ही मामलों में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। साइबर ठग लोगों को डरा-धमकाकर या लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में, लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी साझा करने से बचने की सलाह दी जाती है। किसी भी तरह के झांसे में आने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।