बच्चे ने कितना सीखा-समझा, फरवरी-मार्च में होगी स्टडी

नवभारत टाइम्स

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में तीसरी कक्षा के बच्चे कितना सीख पाए हैं, इसका पता फरवरी-मार्च में चलेगा। एनसीईआरटी की फाउंडेशनल करिकुलम लर्निंग स्टडी के तहत यह मूल्यांकन चुनिंदा स्कूलों में होगा। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी समझ को परखना है। यह स्टडी बच्चों के भविष्य की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण है।

evaluation of third grade students in delhi government schools to be conducted in february march study
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में तीसरी कक्षा के बच्चों की पढ़ाई और गणित की समझ का मूल्यांकन फरवरी और मार्च में होगा। NCERT की फाउंडेशनल करिकुलम लर्निंग स्टडी (FCS) के तहत यह जांच चुनिंदा स्कूलों में की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि बच्चे बड़ी कक्षाओं में जाने से पहले बुनियादी पढ़ाई-लिखाई और गणित में कितने सक्षम हैं। दिल्ली स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) ने स्कूलों को इस बारे में सूचित कर दिया है।

यह असेसमेंट दिल्ली के कुछ खास स्कूलों में होगा, जिनकी लिस्ट पहले ही बता दी जाएगी। इस स्टडी का मकसद बच्चों की बेसिक स्किल्स को समझना है। यह देखा जाएगा कि तीसरी कक्षा के अंत तक बच्चे कितनी अच्छी तरह पढ़ पाते हैं, अपने विचारों को लिख पाते हैं और गणित के बुनियादी सवाल हल कर पाते हैं।
SCERT के अनुसार, यह मूल्यांकन फरवरी और मार्च में होगा। यह एक सिस्टम-लेवल एक्सरसाइज है, जिसका मतलब है कि यह पूरे सिस्टम की जांच करेगा। यह स्टडी इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर बच्चों की छोटी क्लासों में पढ़ने-लिखने की समझ कमजोर रह जाती है, तो उन्हें आगे की पढ़ाई में बहुत मुश्किल होती है।

फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी बच्चों की काबिलियत को परखने के लिए बनाई गई है। यह आकलन करेगा कि क्लास 3 के आखिर तक स्टूडेंट्स कितनी अच्छी तरह से पढ़ सकते हैं, लिखकर खुद को एक्सप्रेस कर सकते हैं और बेसिक गणित के स्किल्स उनके पास है। इस स्टडी से पता चलेगा कि बच्चों को कहां मदद की जरूरत है ताकि वे आगे की पढ़ाई आसानी से कर सकें।