Ghaziabad Discussion On Starting Purvanchal uttaranchal Bhavan Society Members Express Objection On Fees
पूर्वांचल और उत्तरांचल भवन शुरू कराने पर चर्चा
नवभारत टाइम्स•
गाजियाबाद नगर निगम में पूर्वांचल और उत्तरांचल भवन को लेकर बैठक हुई। समाज के प्रतिनिधियों ने सदस्यता शुल्क 21 हजार रुपये से घटाकर 11 हजार रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भवनों का निर्माण अधूरा है और पानी व पार्किंग जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं। मेडिकल डिस्पेंसरी को भी शिफ्ट नहीं किया गया है।
गाजियाबाद नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को पूर्वांचल और उत्तरांचल समाज के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा पूर्वांचल और उत्तरांचल भवनों को जल्द से जल्द शुरू कराना था। साथ ही, इन दोनों भवनों के संचालन के तरीके पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नगर निगम ने इन भवनों के नाम से एक सोसाइटी बनाई है और इसके लिए 21 हजार रुपये सदस्यता शुल्क तय किया है। हालांकि, समाज के लोगों ने इस शुल्क को ज्यादा बताते हुए इसे 11 हजार रुपये करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि दोनों भवनों का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। पूर्वांचल भवन में मेडिकल डिस्पेंसरी को अभी शिफ्ट नहीं किया गया है। इसके अलावा, पानी और पार्किंग जैसी जरूरी सुविधाओं की भी कमी है। इस बैठक में पूर्वांचल समाज की ओर से राकेश तिवारी, राजा राम मौर्या, राजदेव यादव, विनोद अकेला और उत्तराखंड समाज से सचितानंद शर्मा पोखरियाल, धीरेंद्र धामी, मोहन सिंह रावत, रमेश सिंह मेहरा शामिल हुए।
बैठक में भवनों को शुरू करने की योजना पर गहन विचार-विमर्श हुआ। संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह ने बताया कि नगर निगम ने दोनों भवनों के नाम पर एक सोसाइटी का गठन किया है। इस सोसाइटी की सदस्यता के लिए 21 हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस पर समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यह शुल्क काफी अधिक है और इसे कम करके 11 हजार रुपये किया जाना चाहिए।प्रतिनिधियों ने भवनों की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल और उत्तरांचल दोनों भवनों का निर्माण कार्य अभी अधूरा है। पूर्वांचल भवन में मेडिकल डिस्पेंसरी को अभी तक स्थानांतरित नहीं किया गया है। इसके अलावा, पानी की उपलब्धता और पार्किंग की सुविधा जैसी बुनियादी जरूरतों को भी पूरा नहीं किया गया है। इन कमियों को दूर करने के बाद ही भवनों का सुचारू संचालन संभव हो पाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्वांचल समाज के कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे। इनमें राकेश तिवारी, राजा राम मौर्या, राजदेव यादव और विनोद अकेला शामिल थे। वहीं, उत्तराखंड समाज का प्रतिनिधित्व सचितानंद शर्मा पोखरियाल, धीरेंद्र धामी, मोहन सिंह रावत और रमेश सिंह मेहरा ने किया। सभी ने मिलकर भवनों के बेहतर संचालन के लिए अपने सुझाव दिए।