रैंकिंग सुधारने के लिए स्वच्छता पोर्टल पर अपलोड करना होगा डेटा

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी रैंकिंग सुधारने की तैयारी कर रहा है। निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को स्वच्छता पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। पिछले सर्वेक्षण में डेटा अपलोड न होने के कारण निगम को फटकार लगी थी। इस बार निगम हरसंभव प्रयास करेगा। सार्वजनिक शौचालयों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

swachh survekshan 2026 corporation gears up to improve ranking directs data upload on portal
फरीदाबाद नगर निगम फरवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए कमर कस चुका है। निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने अधिकारियों को स्वच्छता पोर्टल पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि पिछले साल डेटा अपलोड न होने के कारण निगम को शहरी स्थानीय निकाय से फटकार मिली थी। इस बार निगम पूरी तरह से अलर्ट है और पिछले साल के 34वें स्थान से ऊपर उठने की पूरी कोशिश करेगा। निगम हर साल सफाई पर 150 करोड़ रुपये खर्च करता है, जिसमें स्वीपिंग मशीन, छिड़काव और कूड़ा उठाने जैसे काम शामिल हैं, लेकिन बेहतर प्रबंधन की कमी के कारण अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाती। निगम लोगों से भी अपील कर रहा है कि वे सर्वेक्षण टीम द्वारा लिए जाने वाले फीडबैक में सक्रिय रूप से भाग लें।

पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 40 शहरों में फरीदाबाद को 34वां स्थान मिला था। इस रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए निगम कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। निगम हर साल सफाई व्यवस्था पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च करता है। इस बजट में कई तरह के काम शामिल हैं, जैसे सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और कूड़ा उठाने की व्यवस्था। हालांकि, इन सबके बावजूद बेहतर प्रबंधन न होने के कारण निगम को सफलता नहीं मिल पा रही है।
सर्वेक्षण के दौरान, एक बाहरी एजेंसी शहर के अलग-अलग इलाकों से लोगों से फीडबैक लेती है। इसके लिए लोगों को वॉट्सऐप मैसेज भी भेजे जाते हैं, जिसमें उनसे शहर की सफाई व्यवस्था के बारे में अपने विचार बताने को कहा जाता है। लेकिन अक्सर लोगों को इस सर्वेक्षण के बारे में जानकारी ही नहीं होती, जिसके कारण वे अपना फीडबैक नहीं दे पाते। इसी वजह से निगम को रैंकिंग में कम अंक मिलते हैं। इस बार इस समस्या को दूर करने के लिए निगम लोगों को सर्वेक्षण के बारे में जागरूक करने की कोशिश करेगा।

इसके अलावा, निगम सार्वजनिक शौचालयों को भी दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। पिछले सर्वेक्षण में सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति के कारण निगम के काफी अंक कटे थे। इस समस्या को देखते हुए, निगम ने सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव का जिम्मा एक निजी एजेंसी को सौंप दिया है। इससे उम्मीद है कि शौचालयों की स्थिति सुधरेगी और निगम को इस बार अच्छे अंक मिलेंगे।

स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 की तैयारियों को सुचारू रूप से चलाने और डेटा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ईएक्सईएन मंदीप सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सीनियर सेनेटरी इंस्पेक्टर और कल्पना मंडल, जो आईईसी कंसल्टेंट हैं, उन्हें उनका सहयोगी बनाया गया है। यह नियुक्ति सुनिश्चित करेगी कि सर्वेक्षण से संबंधित सभी कार्य प्रभावी ढंग से समन्वयित हों और गाइडलाइंस का पालन किया जाए।

निगम की ओर से लोगों से यह भी कहा जाता है कि वे सर्वेक्षण टीम द्वारा किए जाने वाले फीडबैक में अधिक सक्रियता से भाग लें। यह देखना दिलचस्प होगा कि निगम इस बार अपनी रैंकिंग सुधारने में कितना दम दिखाता है और फरीदाबाद को स्वच्छता के मामले में कहां ले जाता है। लोगों की भागीदारी और निगम के प्रयासों का संगम ही इस बार की रैंकिंग तय करेगा।

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