Students To Get Board like Experience In Pre board Exams Emphasis On Teaching Time Management And Exam Pattern
प्री बोर्ड में स्टूडेंट्स को सिखाएंगे एग्ज़ाम के लिए टाइम मैनेजमेंट
नवभारत टाइम्स•
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। प्री-बोर्ड परीक्षाओं में अब बोर्ड जैसा अनुभव मिलेगा। छात्रों को उत्तर पुस्तिका भरने और समय पर पेपर पूरा करने के तरीके सिखाए जाएंगे। इससे छात्रों का डर खत्म होगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। स्कूलों को समय पर उत्तर पुस्तिकाएं प्रिंट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सोनिया, गुड़गांव के बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। स्कूल निदेशालय ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं में ही छात्रों को बोर्ड परीक्षा जैसा अनुभव देने का फैसला किया है। इसके तहत, प्री-बोर्ड परीक्षाओं में भी छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तरह ही आंसर शीट दी जाएगी, जिसमें उन्हें अपना रोल नंबर और अन्य जानकारी सही तरीके से भरना सिखाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के मन से परीक्षा का डर दूर करना और उन्हें समय पर पेपर पूरा करने की कला सिखाना है, ताकि वे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि अक्सर छात्र घबराहट या जानकारी के अभाव में आंसर शीट भरने और पेपर हल करने में गलतियां कर देते हैं। इन गलतियों का सीधा असर उनके अंकों पर पड़ता है। इस नई पहल से छात्रों को काफी आसानी होगी। प्री-बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों का स्तर, अंकों का विभाजन और समय-सीमा भी बोर्ड परीक्षा के पैटर्न के अनुसार ही रखी जाएगी। शिक्षक इन उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करेंगे और छात्रों की कमियों को दूर करने के लिए विशेष प्रयास करेंगे।इस निर्देश के अनुसार, स्कूलों को अपने स्तर पर सीसीडब्ल्यूएफ (CCWF) और अन्य उपलब्ध बजट का उपयोग करके आंसर शीट प्रिंट करानी होंगी। सभी स्कूल प्रिंसिपलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे समय पर आंसर शीट छपवा लें। गुड़गांव के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुदेश राघव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, "बोर्ड के पैटर्न के अनुसार छात्रों को अलग आंसर शीट उपलब्ध कराएंगे।"
जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदू बोकन ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "छात्रों के डर को खत्म करने के लिए बोर्ड परीक्षा जैसी आंसर शीट अब प्री-बोर्ड में भी मिलेगी।" उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में स्कूल प्रिंसिपलों की एक बैठक आयोजित की गई थी और उन्हें आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार छात्र गलत रोल नंबर भरने जैसी छोटी-छोटी बातों से भी डर जाते हैं, जिसे इस कदम से दूर करने में मदद मिलेगी। इस तरह, प्री-बोर्ड परीक्षाएँ अब छात्रों के लिए सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएंगी, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकेंगे।