Taking Science To The Masses Is Nation Building Dr Anil Rastogi
‘विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना ही राष्ट्र निर्माण’
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ: बीरबल साहनी इंस्टिट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेस (BSIP) में चल रहे 'पृथ्वी' पेलियोसाइंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया 2026 का शनिवार को समापन हो गया। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे अभिनेता और वैज्ञानिक डॉ. अनिल रस्तोगी ने कहा कि विज्ञान सबूतों की तलाश करता है और कला भावनाओं की। जब ये दोनों मिलते हैं, तो समाज में दूरगामी बदलाव आता है।
विज्ञान और सिनेमा का अनोखा संगम: डॉ. रस्तोगी ने डॉक्यूमेंट्री निर्माताओं को वैज्ञानिकों का सच्चा साझेदार बताते हुए कहा कि एक रिसर्च पेपर कुछ सौ विशेषज्ञों तक ही सीमित रह जाता है, जबकि एक फिल्म करोड़ों लोगों के दिलों को छू सकती है। वैज्ञानिक प्रयोगशाला में खोज करते हैं और सिनेमा उस खोज को पूरी मानवता के साथ साझा करता है। भ्रामक खबरों पर जताई चिंता: आज के डिजिटल युग में फैलती भ्रामक खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. अनिल रस्तोगी ने कहा कि प्रामाणिक कहानियां सुनाना अब एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुका है। जब नागरिक यह समझेंगे कि ग्लेशियर क्यों पिघल रहे हैं या भूजल क्यों खत्म हो रहा है, तभी वे सही फैसले ले सकेंगे। विज्ञान संचार केवल अकादमिक अभ्यास नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और 'विकसित भारत 2047' की ओर एक मजबूत कदम है। युवा फिल्म निर्माताओं और मीडिया छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कैमरा विज्ञान के सबसे शक्तिशाली उपकरणों में से एक है। इसका उपयोग ईमानदारी, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें ताकि डर और भ्रम की जगह वैज्ञानिक दृष्टिकोण ले सके।
ये रहे मौजूद: बीएसआईपी निदेशक प्रो. एमजी ठक्कर और फेस्टिवल संयोजक डॉ. निमिश कपूर के साथ वरिष्ठ पत्रकार बृजेश मिश्रा, डॉ. मुकेश शर्मा, महेश झा, अभिनेत्री सुजाता मेहता, नंदन कुध्याडी, डॉ. सीएम नौटियाल सहित कई नागरिक मौजूद रहे।