n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : लखनऊ यूनिवर्सिटी में इंजिनियरिंग पाठ्यक्रमों को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं, नई तकनीकों और रोजगारपरक कौशलों के अनुरूप बनाने के लिए पाठ्यक्रम संशोधन समिति (करिकुलम रिव्यू कमिटी) गठित करने का फैसला लिया गया है। समिति की अध्यक्षता इंजिनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन करेंगे, जबकि अलग अलग विभागों के समन्वयक इसके सदस्य होंगे।
कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को सेकंड कैंपस में बैठक हुई। बैठक में दो मध्यावधि परीक्षाओं की जगह केवल एक मिड-सेम परीक्षा आयोजित करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा वर्तमान में तीसरे सेमेस्टर में मिलने वाली ब्रांच चेंज की सुविधा को दूसरे सेमेस्टर की शुरुआत में उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में इंजिनियरिंग शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाने पर भी जोर दिया गया। वहीं आठवें सेमेस्टर के छात्रों को मल्टीनेशनल कंपनियों, राष्ट्रीय संस्थानों और शोध संगठनों में छह महीने की फुल-टाइम इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग करने की अनुमति भी दी जाएगी। साथ ही लैब आधारित पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन पूरे सेमेस्टर के दौरान लगातार किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।


