हरदीप पुरी: पीएम मोदी का कार्यकाल, उपलब्धियां और विकास की दिशा में नेतृत्व

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मोदी के पास व्यापक ज्ञान है और वे विकास से जुड़े विषयों पर अद्वितीय मार्गदर्शन देते हैं। पुरी ने बताया कि मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ही कई योजनाओं की नींव रखी थी।

Navbharat Times
नई दिल्ली, 10 जून: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने शासनकाल में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, खासकर तब जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा किया। पुरी ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि वे पीएम मोदी की टीम का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है, लेकिन पीएम मोदी जैसा व्यापक ज्ञान और बड़े स्तर पर मार्गदर्शन देने की क्षमता उन्होंने किसी में नहीं देखी।

पुरी ने बताया कि पीएम मोदी किसी भी विषय पर गहराई से उतरते हैं, चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती, कृषि या उर्वरकों का इस्तेमाल। उनका ज्ञान और शोध वाकई काबिले तारीफ है। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 में शुरू हुई कई योजनाओं की नींव तो पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ही रख दी थी। स्वच्छता अभियान और शहरी विकास से जुड़ी कई पहलें उन्होंने गुजरात में छोटे स्तर पर शुरू की थीं।
केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पीएम मोदी का मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने खुद बड़े स्तर पर परियोजनाओं की निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया। हर महीने होने वाली प्रगति समीक्षा बैठकों में वे सचिवों के साथ मिलकर परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति देने से चिंताएं थीं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

पुरी ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जो काम शुरू किए थे, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं। चाहे वह प्राकृतिक गैस हो, प्राकृतिक खेती हो, कृषि हो या उर्वरकों का इस्तेमाल हो, वे हर विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया।

मंत्री ने बताया कि खनन क्षेत्र में भी बड़े बदलाव किए गए। पहले जहां अन्वेषण या कुएं खोदने की अनुमति नहीं थी, वहां अब सरकार ने नीतिगत बदलाव किए हैं। इसमें पीएम मोदी का व्यक्तिगत योगदान बहुत अहम रहा।

पुरी ने कहा कि ड्रोन तकनीक के मामले में भी भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं के बावजूद, पीएम मोदी ने देश को आगे बढ़ाने का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास के हर क्षेत्र में काम किया है। चाहे वह ऊर्जा हो, खनन हो या ड्रोन तकनीक हो, उन्होंने हर जगह सुधार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी का ज्ञान इतना व्यापक है कि वे किसी भी विषय पर गहराई से बात कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए जो योजनाएं शुरू की थीं, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया। उनका मानना था कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें तो देश को विकसित भारत की ओर तेजी से ले जाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद परियोजनाओं की निगरानी करते हैं और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठकों में शामिल होते हैं। अगर किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता की कमी दिखती है, तो वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों से मदद लेने की सलाह देते हैं।

पुरी ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सरकारी बैठकों तक सीमित नहीं रहे। इसमें उद्योग जगत के साथ मिलकर काम किया गया। प्राकृतिक गैस, एलपीजी को पाइप वाली गैस से जोड़ना और तेल खोजने की नीति में बदलाव जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले खनन क्षेत्र (कोयला, खनिज और पेट्रोलियम) से जुड़े कानूनों और नीतियों में बड़े सुधार की जरूरत थी। सरकार ने इस दिशा में नए कानून और नीतिगत बदलाव लागू किए। देश के करीब 35 लाख वर्ग किलोमीटर के सेडिमेंटरी बेसिन में से 10 लाख वर्ग किलोमीटर ऐसा था जहां तेल या गैस खोजने या कुएं खोदने की इजाजत नहीं थी। सरकार ने उद्योग जगत से बात की और पीएम मोदी ने खुद इसमें नेतृत्व किया। रक्षा मंत्रालय, नौसेना, तटरक्षक बल और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की भी कुछ आपत्तियां थीं, लेकिन अंततः नीतिगत बदलाव हुए जिसमें पीएम मोदी की व्यक्तिगत रुचि और योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहा।

ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि जब वे नागरिक उड्डयन मंत्रालय में थे, तब दुनिया में ड्रोन तकनीक तेजी से बढ़ रही थी

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