ज़िले में भूजल दोहन की जांच के आदेश

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भूजल के अवैध दोहन पर एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया है। भूगर्भ जल विभाग को शिकायतों की जांच कर उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पर्यावरण संरक्षणवादी विक्रांत तोंगड़ की याचिका पर यह आदेश जारी हुआ है।

ngt orders investigation into groundwater exploitation in noida greater noida demands action

n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा

एनजीटी की प्रधान पीठ ने भूगर्भ जल विभाग को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भूजल दोहन की शिकायतों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि जहां भी उल्लंघन मिले, वहां सुधारात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एनजीटी 2013 में ही भूजल दोहन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कह चुकी है। पर्यावरण संरक्षणवादी विक्रांत तोंगड़ की ओर से दायर मामले में अब फिर निर्देश जारी किए गए हैं। आवेदन में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न स्थानों पर बिना अनुमति भूजल दोहन का मुद्दा उठाया गया था। आवेदन में नोएडा के सेक्टर-145, 153, टेकज़ोन-II ग्रेनो, 94, 150 और यीडा क्षेत्र के निर्माण स्थलों का उल्लेख किया गया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष व डॉ. ए. सेंथिल वेल, विशेषज्ञ सदस्य की पीठ ने की। आवेदक की ओर से अधिवक्ता आकाश वशिष्ठ ने पक्ष रखा।

एनजीटी ने आवेदक से कहा कि वह अपने आरोपों व साक्ष्यों सहित एक विस्तृत शिकायत उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल विभाग के समक्ष प्रस्तुत करे। एनजीटी ने विभाग को निर्देशित किया कि शिकायत की जांच की जाए। स्थल सत्यापन किया जाए और यदि कोई ट्यूबवेल या बोरवेल अवैध रूप से संचालित पाया जाता है तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। पर्यावरण संरक्षणवादी विक्रांत तोंगड़ ने कहा कि तीव्र शहरीकरण और बड़े पैमाने पर हो रहे निर्माण कार्यों के कारण नोएडा व ग्रेटर नोएडा में भूजल स्तर लगातार दबाव में है।

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