सब्ज़ी मंडी में कूड़ा निस्तारण की योजना फाइलों में अटकी

नवभारतटाइम्स.कॉम

साहिबाबाद सब्जी मंडी में कूड़ा निस्तारण की बायोमास तकनीक वाली योजना अटक गई है। कृषि निदेशक ने फाइल वापस कर दी है। इससे मंडी में रोज निकलने वाले जैविक कचरे की समस्या बनी हुई है। गर्मी में बदबू और गंदगी से लोग परेशान हैं। इस योजना से कचरे से ऊर्जा और खाद बनती।

सब्ज़ी मंडी में कूड़ा निस्तारण की योजना फाइलों में अटकी

n NBT रिपोर्ट, टीएचए : साहिबाबाद सब्जी मंडी में बायोमास तकनीक के जरिए कूड़ा निस्तारण की योजना फिलहाल अटक गई है। कृषि निदेशक की ओर से प्रस्ताव से जुड़ी फाइल वापस करने के बाद परियोजना पर असमंजस की स्थिति है। इससे मंडी क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले जैविक कचरे के निस्तारण की समस्या जस की तस बनी हुई है। साहिबाबाद सब्जी मंडी समिति में रोजाना बड़ी मात्रा में सब्जियों और फलों का खराब और जैविक कचरा निकलता है। हर साल लगभग 80 लाख रुपये कूड़ा निस्तारण पर खर्च किए जाते हैं। इसके निस्तारण के लिए बायोमास आधारित प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। करीब 35 लाख का प्रस्ताव बनाया गया था। इसके तहत कचरे से जैविक ऊर्जा और खाद तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होनी थी, ताकि मंडी परिसर में गंदगी और दुर्गंध की समस्या कम हो सके। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कृषि मंडी निदेशक के विभाग को भेजा गया था लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए कृषि निदेशक ने फाइल वापस कर दी। माना जा रहा है कि परियोजना की व्यवहार्यता, भूमि उपयोग और संचालन व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है। मंडी से जुड़े व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर से बदबू और गंदगी की समस्या गंभीर हो जाती है। समय पर समाधान न होने से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ता है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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