ग्रीनबेल्ट पर झुग्गियों का कब्जा, पानी और न सफाई का इंतज़ाम

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के सेक्टर-10 जी ब्लॉक में लोग गंभीर समस्याओं से परेशान हैं। ग्रीनबेल्ट पर अवैध झुग्गियों के कारण गंदगी और प्रदूषण फैल रहा है। निवासियों का कहना है कि बाहरी लोग यहां झुग्गियां बनाकर गंदगी फैलाते हैं और रात में कूड़ा जलाते हैं। इलाके में सफाई कर्मचारी नहीं हैं और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है।

encroachment of slums on green belt in faridabad residents troubled by dirt disease and water scarcity
फरीदाबाद के सेक्टर-10 जी ब्लॉक के निवासी इन दिनों कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। झुग्गियों की बढ़ती समस्या, गंदगी, प्रदूषण, पानी की किल्लत और खराब पार्क निवासियों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। बाहरी लोगों द्वारा ग्रीनबेल्ट पर अवैध कब्जे से बनी झुग्गियों में रहने वाले लोग इलाके में गंदगी फैला रहे हैं और रात में कूड़ा जलाकर प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। इस समस्या ने विकराल रूप ले लिया है, जिससे निवासियों में डर का माहौल है।

एडवोकेट संजय ने बताया कि सेक्टर में झुग्गियों की समस्या बहुत गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि इन झुग्गियों में बांग्लादेशी लोग रह रहे हैं, जिससे डर बना रहता है। ये लोग इतनी गंदगी फैलाते हैं जिसकी वजह से काफ़ी बीमारी भी फैलती है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्लॉक में एक बच्ची की भी इसकी वजह से मौत हो गई थी। निवासियों का कहना है कि सेक्टर में साफ-सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं है, इसलिए उन्हें गंदगी में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के दिनों में सेक्टर में जलभराव की समस्या आम है। पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। सेक्टर में एक पार्क है, लेकिन उसका रखरखाव ठीक से नहीं होता। पार्क की हालत खराब है क्योंकि उसकी देखभाल के लिए कोई माली नहीं है। सेक्टरवासी खुद पार्क में पानी डालते हैं। पार्क में लगा ट्यूबवेल खराब होने से पानी की समस्या बनी रहती है।

निवासियों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगर निगम और विधायक से कई बार शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। एनबीटी की ओर से आयोजित एक संवाद में सेक्टरवासियों ने पानी, पार्क, साफ-सफाई और अन्य समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाई और जल्द से जल्द समाधान की मांग की। निवासियों का कहना है कि अगर इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। यह स्थिति शहर के विकास पर भी सवाल खड़े करती है।