बॉम्बे पावभाजी के 3 ठिकानों पर आयकर विभाग का सर्वे

नवभारत टाइम्स

लखनऊ में बॉम्बे पावभाजी के तीन ठिकानों पर आयकर विभाग ने सर्वे किया। टैक्स चोरी के शक में यह कार्रवाई हुई। विभाग बिलिंग से जुड़े दस्तावेज खंगाल रहा है। यह सर्वे पेट पूजा सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के बाद हुआ। इस सॉफ्टवेयर से बिक्री कम दिखाने का आरोप है। विभाग ने AI की मदद से कर चोरी के सुराग पकड़े।

income tax survey on 3 bombay pavbhaji outlets major action suspecting tax evasion
लखनऊ : आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के शक में रविवार को लखनऊ के मशहूर बॉम्बे पावभाजी के तीन ठिकानों पर सर्वे किया। यह कार्रवाई 'पेट पूजा' नाम के एक सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़ी है, जिसका इस्तेमाल बॉम्बे पावभाजी कर रहा था। इससे पहले इसी सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से हैदराबाद में करीब 70 हजार करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के सबूत मिले थे।

आयकर विभाग के अधिकारी सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर बिक्री से जुड़े कागजात खंगाल रहे हैं। यह सर्वे इसलिए किया जा रहा है क्योंकि 'पेट पूजा' सॉफ्टवेयर के जरिए बिक्री को कम दिखाने और आयकर रिटर्न में टर्नओवर कम बताने का खेल चल रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की हैदराबाद इकाई ने जब 'पेट पूजा' सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी के ठिकानों पर सर्वे किया था, तो उन्हें 160 टेराबाइट से भी ज्यादा डेटा मिला था। इस डेटा का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया। AI की मदद से पता चला कि 'पेट पूजा' सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसे फीचर्स थे जिनका गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। इन फीचर्स का इस्तेमाल करके कंपनियां अपनी असली बिक्री छुपा रही थीं और टैक्स बचा रही थीं।

इसी गड़बड़ी का पता चलने के बाद, विभाग ने लखनऊ में बॉम्बे पावभाजी के हजरतगंज और विभूति खंड स्थित ठिकानों पर सर्वे शुरू किया है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या लखनऊ में भी इसी तरह से टैक्स चोरी की जा रही थी।

'पेट पूजा' एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो रेस्टोरेंट और खाने-पीने की जगहों पर बिलिंग का काम करता है। लेकिन, इस मामले में यह सॉफ्टवेयर टैक्स चोरी का जरिया बन गया था। विभाग इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके कितनी टैक्स चोरी हुई है।