Noida Landlords Beware Income Tax Departments Sharp Eye On Cash Rent Ai To Investigate
मकान मालिकों ने लिया नकद किराया तो खैर नहीं
नवभारत टाइम्स•
नोएडा में मकान मालिक अब नकद किराया नहीं ले पाएंगे। आयकर विभाग ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रहा है। अप्रैल से एक बड़ा अभियान शुरू होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से कर चोरी करने वालों का पता लगाया जाएगा। एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की आयकर चोरी का अनुमान है।
नोएडा में मकान मालिक किरायेदारों से सिर्फ नकद में किराया वसूल रहे हैं, ताकि वे आयकर विभाग की नजरों से बच सकें। इस वजह से किरायेदारों को काफी परेशानी हो रही है, जबकि ई-रिक्शा और गोलगप्पे वाले भी ऑनलाइन पेमेंट ले रहे हैं। आयकर विभाग ने इस कर चोरी को रोकने के लिए अप्रैल में एक बड़ा अभियान चलाने का फैसला किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से ऐसे मकान मालिकों का पता लगाया जाएगा, जिन्होंने अपने किरायेदारों की जानकारी नहीं दी है। शुरुआती जांच में 50 हजार से ज्यादा ऐसे मकान मालिक मिले हैं, जो कर चोरी में शामिल हैं और इन सभी को नोटिस भेजा जाएगा।
आयकर विभाग के कानपुर के प्रधान आयकर आयुक्त ने नोएडा की जांच शाखा को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मकान मालिकों पर कड़ी नजर रखें। अप्रैल से शुरू होने वाले इस अभियान में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद उन मकान मालिकों को पकड़ना है जो किराये से होने वाली कमाई पर टैक्स नहीं भर रहे हैं। विभाग का अनुमान है कि इस तरह से एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की आयकर चोरी हो रही है।ऑनलाइन भुगतान न लेने वाले मकान मालिकों के खिलाफ इस अभियान को लेकर अधिकारी पहले ही एक ऑनलाइन बैठक कर चुके हैं और जल्द ही एक और बैठक होने वाली है। इस अभियान में आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई (Benami Prohibition Unit) को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि करोड़ों रुपये की कमाई का निवेश कहां किया गया है।
नोएडा में किराये पर घर लेना काफी महंगा है। ऐसे में मकान मालिकों का सिर्फ नकद में किराया लेना किरायेदारों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। जहां एक तरफ छोटे-छोटे दुकानदार भी ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नोएडा के मकान मालिक आयकर से बचने के लिए इस तरह का रवैया अपना रहे हैं।
आयकर विभाग ने ऐसे मकान मालिकों को रडार पर लेने का फैसला किया है। शुरुआती सर्वे में 50 हजार से ज्यादा ऐसे मकान मालिक सामने आए हैं, जिन्होंने अपने किरायेदारों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। यह साफ तौर पर कर चोरी का मामला है। इन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे जवाब मांगा जाएगा।
यह अभियान सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ऐसे मामलों की जांच की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस तरह की कर चोरी से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। एआई तकनीक का इस्तेमाल करके विभाग उन मकान मालिकों की पहचान करेगा जो अपनी आय को छुपा रहे हैं।
आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई की मदद से यह भी पता लगाया जाएगा कि इन मकान मालिकों ने अपनी कमाई का इस्तेमाल कहां किया है। क्या उन्होंने कोई बेनामी संपत्ति खरीदी है या फिर किसी और तरीके से पैसे को छुपाया है। यह अभियान कर चोरी के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।