सेक्टरों की जर्जर पाइपलाइन बदलेगी अथॉरिटी,10 क्षेत्रों के लिए DPR तैयार

नवभारत टाइम्स

ग्रेटर नोएडा के पुराने सेक्टरों में अब नई पाइपलाइन बिछेगी। अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा सहित दस से अधिक सेक्टरों की 25-30 साल पुरानी पाइपलाइनें बदली जाएंगी। भविष्य की आबादी को देखते हुए उच्च क्षमता की लाइनें बिछाई जाएंगी। पुरानी लाइनें हटाते समय जलापूर्ति बाधित नहीं होगी। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

old sector pipelines in greater noida to be replaced dpr ready for 10 areas
ग्रेटर नोएडा के पुराने सेक्टरों में बार-बार होने वाली पाइपलाइन फटने और दूषित पानी की समस्या को खत्म करने के लिए प्राधिकरण ने एक बड़ी योजना बनाई है। अब अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा जैसे 10 से ज़्यादा पुराने सेक्टरों में 25-30 साल पुरानी पाइपलाइनों को हटाकर नई डीआई (डक्टाइल आयरन) पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। यह कदम इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि लोगों की सुरक्षा और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। जल्द ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि एक सलाहकार एजेंसी ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। भविष्य में बढ़ती आबादी के दबाव को देखते हुए, नई पाइपलाइनें ज़्यादा क्षमता वाली होंगी। जल विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा के अनुसार, हर सेक्टर में लगभग 18-20 किलोमीटर लंबी एक समानांतर लाइन बिछाई जाएगी। इसका मतलब है कि पुरानी लाइन को हटाते समय भी पानी की सप्लाई बंद नहीं होगी। यह एक अच्छी बात है क्योंकि इससे लोगों को पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यह नई डीआई पाइपलाइनें काफी मजबूत होती हैं और लंबे समय तक चलती हैं। पुरानी पाइपलाइनें अक्सर पुरानी होने की वजह से फट जाती थीं, जिससे पानी गंदा हो जाता था और सप्लाई में दिक्कत आती थी। प्राधिकरण ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने का फैसला किया है। इस योजना पर काम शुरू होने से ग्रेटर नोएडा के पुराने सेक्टरों में रहने वाले लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल मिलेगा।