नाले की बदबू और कुत्तों से सेक्टर 34 के लोग परेशान

नवभारत टाइम्स

नोएडा के सेक्टर 34 के निवासी इन दिनों कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। नालों से उठती बदबू और जहरीली गैसें लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गई हैं। बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय और आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक भी लोगों को परेशान कर रहा है। बिजली कटौती और गलत बिलिंग की शिकायतें भी सामने आई हैं।

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नोएडा के घनी आबादी वाले सेक्टर 34 में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और प्रशासनिक अनदेखी से करीब 20 हजार लोग परेशान हैं। रविवार को एनबीटी संवाद कार्यक्रम में हिमगिरि अपार्टमेंट और अन्य सोसायटियों के निवासियों ने अपनी पीड़ा बताई। बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय, जहरीली गैस छोड़ता नाला, बिजली कटौती और कुत्तों के बढ़ते हमले जैसी समस्याएं लोगों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। लाखों रुपये खर्च कर बने सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं, जिससे साप्ताहिक बाजार और वेंडिंग जोन में आने वाले लोगों को भारी असुविधा हो रही है और गंदगी फैल रही है। सेक्टर के पास बहने वाले नाले से निकलने वाली जहरीली गैसें और बदबू निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। पार्कों का रखरखाव न होने से शाम को वहां शराबियों का जमावड़ा लगता है। स्मार्ट मीटर की गलत बिलिंग और समय पर बिल न मिलना भी एक बड़ी समस्या है। सड़कों का स्तर मकानों से ऊंचा हो जाने से जलभराव की समस्या विकराल हो गई है।

सेक्टर 34 के लोग इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से जूझ रहे हैं। विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, हकीकत कुछ और ही है। रविवार को एनबीटी संवाद कार्यक्रम में जब सेक्टर 34 के हिमगिरि अपार्टमेंट (बी-14) और अन्य सोसायटियों के निवासियों ने अपनी बात रखी, तो उनकी पीड़ा साफ झलक रही थी।
सबसे बड़ी समस्या बंद पड़े सार्वजनिक शौचालयों की है। प्राधिकरण ने लाखों रुपये खर्च करके कई जगहों पर शौचालय तो बनवा दिए, लेकिन उन पर ताले लटके हुए हैं। साप्ताहिक बाजार और वेंडिंग जोन होने के कारण यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। शौचालय बंद होने की वजह से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे इलाके में गंदगी भी फैल रही है।

इसके अलावा, सेक्टर के बगल से बहने वाला एक बड़ा नाला निवासियों के लिए मुसीबत बन गया है। इस नाले से निकलने वाली जहरीली गैसें और बदबू लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। निवासियों का आरोप है कि पार्कों का रखरखाव भी बिल्कुल नहीं हो रहा है। शाम होते ही ये पार्क शराबियों का अड्डा बन जाते हैं, जिससे माहौल खराब होता है।

स्मार्ट मीटर की गलत बिलिंग और समय पर बिल न मिलने की समस्या भी लोगों को परेशान कर रही है। वहीं, सड़कों की रिसर्फेसिंग (ऊपर से नई परत चढ़ाना) के कारण सड़कों का स्तर मकानों से ऊंचा हो गया है। इस वजह से बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या बहुत बढ़ जाती है। इन सभी समस्याओं से सेक्टर 34 के निवासी काफी परेशान हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।