बड़खल में विकास कार्य न होने पर फूटा महिलाओं का गुस्सा

नवभारत टाइम्स

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बड़खल गांव की महिलाओं ने विकास न होने पर गुस्सा जताया। गांव की सड़कें पक्की नहीं हैं, सीवर लाइन नहीं डाली गई है और नालियां टूटी हुई हैं। महिलाओं ने नगर निगम और सरकार पर काम न कराने का आरोप लगाया। उन्होंने नेताओं से किए वादे पूरे करने की मांग की।

womens anger over lack of development work in badkhal protest over roads and sewer problems
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां देश भर में महिलाओं के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित हुए, वहीं फरीदाबाद के बड़खल गांव की महिलाओं ने विकास कार्यों की कमी को लेकर रोष जताया और प्रदर्शन किया। गांव में आज भी कई सड़कें कच्ची हैं, सीवर लाइन नहीं बिछाई गई है और नालियां टूटी हुई हैं। महिलाओं ने नगर निगम और सरकार पर काम न कराने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि पांच साल से उनके गांव में विकास के नाम पर कोई काम नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।

महिलाओं ने बताया कि गांव की सड़कों की हालत बहुत खराब है। कई जगह नालियां टूटी हुई हैं। गांव में आने-जाने के लिए ठीक रास्ते नहीं हैं। थोड़ी सी बारिश होते ही चारों तरफ कीचड़ फैल जाता है। इससे लोगों को आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने बड़खल विधानसभा की पूर्व विधायक सीमा त्रिखा और वर्तमान विधायक धनेश अदलक्खा के खिलाफ भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
महिलाओं का आरोप है कि चुनाव के समय नेता गांव में आकर बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे गांव के विकास की ओर ध्यान नहीं देते। उनका कहना है कि बड़खल गांव काफी समय से विकास से कोसों दूर है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द सड़कें, नालियां और अन्य जरूरी विकास कार्य शुरू कराए जाएं। इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

प्रदर्शन करने वाली महिला हेमलता शर्मा ने कहा, "पांच साल से उनके गांव में विकास के नाम पर एक भी ईंट नहीं लगी है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।" ग्रामीण तौफिक ने बताया, "गांव की सड़कों की हालत बेहद खराब है और कई जगह नालियां टूटी हुई हैं। गांव में आने-जाने के लिए उचित रास्ते नहीं हैं और थोड़ी सी बारिश होने पर चारों ओर कीचड़ हो जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।"

वहीं, ईएक्सईएन महेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में सड़कों के लिए टेंडर निकाले जा चुके हैं। सीवर लाइन डालने का काम भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी। यह प्रदर्शन महिलाओं की उन मांगों को उजागर करता है जो बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए की जा रही हैं। यह दिखाता है कि कैसे आम लोग अपने अधिकारों और बेहतर जीवन स्तर के लिए आवाज उठा रहे हैं।