Dont Let The Holi Celebration Be Spoiled Keep These Things In Mind
उमंग में न पड़ जाए भंग
नवभारत टाइम्स•
होली रंगों और उल्लास का पर्व है। यह रिश्तों में नई ताजगी लाता है। होली को शांति, संयम और सम्मान से खेलना चाहिए। नशे से दूर रहें। रंग लगाने से पहले सहमति लें। सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें। तभी होली प्रेम और सौहार्द का उत्सव बनेगी।
होली , रंगों और खुशियों का त्योहार, आपसी प्रेम और मन की शुद्धि का संदेश देता है। अपर्णा रावत ने ईमेल के ज़रिए बताया कि इस पर्व को शांति, संयम और सम्मान से मनाना चाहिए। अक्सर नशे और असहमति से त्योहार का मज़ा किरकिरा हो जाता है। इसलिए, रंग लगाने से पहले सहमति लेना, प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना और मर्यादा बनाए रखना ज़रूरी है। दूसरों की भावनाओं का सम्मान करने से ही होलीtrue प्रेम और सौहार्द का उत्सव बनती है।
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है। यह मन की गंदगी को धोकर रिश्तों में नई जान डालने का मौका देती है। इसलिए, इसे हमेशा शांति और सम्मान के साथ खेलना चाहिए।कभी-कभी कुछ लोगों की गलत हरकतों से होली का मज़ा खराब हो जाता है। त्योहार का रंग फीका पड़ जाता है। यह देखना आम है कि लोग त्योहार के बहाने नशा कर लेते हैं। यह बिल्कुल भी सही नहीं है।
रंग लगाने से पहले हमेशा दूसरे की मर्ज़ी पूछनी चाहिए। सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। त्योहार में मर्यादा बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
जब हम दूसरों की भावनाओं का आदर करते हैं, तभी होली सचमुच प्रेम और भाईचारे का त्योहार बन पाती है। अपर्णा रावत ने यह बात ईमेल के ज़रिए कही है।