झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ एक सप्ताह में पांच स्थानों पर छापेमारी

नवभारत टाइम्स

स्वास्थ्य विभाग ने छांयसा गांव में हुई एक मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। पिछले एक हफ्ते में पांच जगहों पर छापेमारी हुई है। चार झोलाछापों पर कार्रवाई हुई है। एक को पुलिस ने पकड़ा है। तीन अन्य और उनके दो साथियों की तलाश जारी है।

health departments grip on quack doctors raids at five places in a week panic ensues
हथीन के छांयसा गांव में एक संदिग्ध मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने अवैध रूप से इलाज करने वाले इन डॉक्टरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। लगातार हो रही छापेमारी से झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है और कई तो अपनी दुकानें बंद करके भाग गए हैं। पिछले एक हफ्ते में, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच जगहों पर छापेमारी की और चार झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की। इनमें से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य झोलाछाप और उनके दो साथियों की तलाश जारी है। एक मामले में तो गुस्साए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस से हाथापाई कर एक आरोपी को छुड़ा लिया था।

यह अभियान छांयसा गांव में हुई एक मौत के बाद शुरू हुआ, जिसकी वजह असामान्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर रहा है और इसी के चलते अवैध रूप से इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसी जा रही है। विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं, जिससे इन डॉक्टरों में खलबली मची हुई है।
पिछले सात दिनों में, स्वास्थ्य विभाग ने पांच जगहों पर छापा मारा। इस दौरान, चार झोलाछाप डॉक्टर ों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से एक आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है। हालांकि, तीन अन्य झोलाछाप डॉक्टर और उनके दो मददगार अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और उनकी तलाश की जा रही है।

एक घटना में तो स्थिति और भी गंभीर हो गई। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस एक आरोपी को पकड़ने पहुंची, तो ग्रामीणों की भीड़ ने हंगामा कर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस के साथ हाथापाई की और आरोपी को छुड़ा ले गए। यह घटना दर्शाती है कि कुछ जगहों पर झोलाछाप डॉक्टरों को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।