Rs 15 Lakh Looted By Showing Rs 50000 Profit New Method Of Cyber Thugs
पहले दिया 50 हज़ार का मुनाफा, फिर हड़प लिए डेढ़ लाख रुपये
नवभारत टाइम्स•
साइबर ठगों ने निवेश का लालच देकर एक व्यक्ति से ठगी की। पहले छोटा मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता गया। फिर बड़े निवेश का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये से अधिक हड़प लिए गए। पीड़ित ने शक होने पर पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह ठगी वॉट्सऐप मैसेज से शुरू हुई थी।
साइबर ठगों ने 'संस्थागत निवेश' और IPO में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर गुड़गांव के एक व्यक्ति से 1 लाख 76 हजार रुपये ठग लिए। ठगी की शुरुआत वॉट्सऐप पर एक अनजान ग्रुप में शामिल होने से हुई, जहां एक शख्स खुद को प्रोफेसर बताकर शेयर बाजार के टिप्स देता था। साइबर क्राइम मानेसर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कुकडौला निवासी धीरज यादव को एक वॉट्सऐप मैसेज के जरिए एक अनजान ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में एक व्यक्ति खुद को प्रोफेसर बताता था और शेयर बाजार में निवेश करके रोजाना 10% मुनाफा कमाने के टिप्स देता था। ग्रुप में यह दावा किया गया कि अपर सर्किट वाले शेयरों में निवेश करके यह मुनाफा कमाया जा सकता है।प्रोफेसर की कथित सहायक तान्या अरोड़ा ने धीरज का विश्वास जीतने के लिए उसे 'HHNI' नाम का एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया। ठगों ने धीरज को बताया कि वे 'इंस्टीट्यूशनल मार्केट' के जरिए ट्रेडिंग कर रहे हैं, जो सामान्य ऐप से अलग है और इसमें ज्यादा मुनाफा होता है।
शुरुआत में, धीरज ने 58 हजार रुपये का निवेश किया और 55 हजार रुपये का मुनाफा सफलतापूर्वक निकाल भी लिया। इस छोटे से मुनाफे ने धीरज का भरोसा और बढ़ा दिया। इसके बाद, आरोपियों ने धीरज को 'E-to-E' नामक IPO में निवेश करने का लालच दिया।
धीरज ने अपनी पत्नी और साले के खातों से किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए। जब ऐप पर 8 लाख रुपये का फर्जी मुनाफा दिखने लगा, तो ठगों ने उसे निकालने के बदले 12 लाख रुपये और जमा करने की शर्त रख दी।
इस पर धीरज को शक हुआ। उन्होंने यूट्यूब पर इस बारे में पड़ताल की, जहां उन्हें पता चला कि यह एक धोखाधड़ी है। इसके बाद, धीरज ने तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। साइबर क्राइम मानेसर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। यह घटना साइबर ठगी के नए तरीकों को उजागर करती है, जहां आम लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर ठगा जा रहा है। पुलिस ऐसे मामलों में सतर्क रहने और अनजान लिंक या ऐप पर भरोसा न करने की सलाह दे रही है।