ट्रांसपोर्टर काे थोड़ा मुनाफा दिखा, फिर ठग लिए सात लाख रुपये

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के पाली गांव के एक ट्रांसपोर्टर को ऑनलाइन ट्रेडिंग में बड़ा मुनाफा दिलाने का लालच दिया गया। पहले छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर विश्वास जीता गया। इसके बाद साइबर ठगों ने कुल सात लाख उन्नीस हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस जांच कर रही है।

ट्रांसपोर्टर काे थोड़ा मुनाफा दिखा, फिर ठग लिए सात लाख रुपये
फरीदाबाद के पाली गांव के एक ट्रांसपोर्टर को ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 7 लाख 19 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर विश्वास जीता और फिर अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। इस मामले में साइबर थाना एनआईटी ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित अमित भड़ाना, जो गांव पाली के रहने वाले हैं और ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं, ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 7 फरवरी को प्ले स्टोर से एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड किया था। उसी दिन उन्हें एक वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और ऑफलाइन ट्रेडिंग के जरिए ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया। अमित को यकीन दिलाने के लिए, आरोपी ने मुनाफे के कुछ स्क्रीनशॉट भी भेजे।
शुरुआत में, 13 फरवरी को अमित ने 11 हजार रुपये का निवेश करके ट्रेडिंग शुरू की। पहली ही ट्रेड में उन्हें 3,896 रुपये का लाभ दिखाया गया और कुल 14 हजार रुपये उनके खाते में वापस कर दिए गए। यह रकम वापस मिलने से अमित का भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद, आरोपियों ने अमित को 21 हजार रुपये और निवेश करने की सलाह दी।

कुछ दिनों तक आरोपियों ने लगातार फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजकर अमित को लुभाते रहे। 15 फरवरी को, ठगों ने एक पांच दिन की विशेष ट्रेडिंग योजना का लालच दिया। उन्होंने कहा कि हर ट्रेड के लाभ का 30 प्रतिशत कमीशन कंपनी को देना होगा। ज्यादा कमाई के लालच में, अमित ने न केवल अपने खाते से, बल्कि अपनी पत्नी के खाते से भी पैसे ट्रांसफर करने शुरू कर दिए। इस तरह, आरोपियों ने अलग-अलग बैंकों के खातों में कुल 7.19 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

जब अमित ने अपनी जमा की हुई पूंजी निकालने की कोशिश की, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। तब जाकर अमित को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर, साइबर अपराध थाना एनआईटी में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन ट्रेडिंग या किसी भी तरह के निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की सत्यता की पूरी तरह से जांच करें। उन्होंने कहा कि ऐसे लुभावने ऑफर्स से सावधान रहना चाहिए। अगर कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

यह ठगी का जाल बहुत ही चालाकी से बुना गया था। पहले छोटे मुनाफे का लालच देकर विश्वास जीता गया, फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम ऐंठ ली गई। यह घटना ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां लोग थोड़े से लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद है कि आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे।