Cbse 12th Psychology Exam Long Questions Confused Students Parents Boosted Morale
साइकॉलजी के लंबे प्रश्नों ने उलझाया
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव में सीबीएसई की 12वीं साइकॉलजी परीक्षा संपन्न हुई। छात्रों ने बताया कि लंबे प्रश्नों ने उन्हें उलझाया। पेपर सिलेबस और एनसीईआरटी पर आधारित था। केस स्टडी और लंबे उत्तर वाले प्रश्नों में अधिक समय लगा। अच्छी तैयारी करने वालों के लिए पेपर कठिन नहीं था। परीक्षा केंद्रों पर अभिभावक बच्चों का इंतजार करते दिखे।
गुड़गांव में सीबीएसई की 12वीं कक्षा की साइकोलॉजी की परीक्षा गुरुवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि पेपर लंबा होने के कारण उन्हें समय प्रबंधन में थोड़ी मुश्किल हुई, हालांकि ज्यादातर सवाल सिलेबस और एनसीईआरटी पर आधारित थे। अभिभावक परीक्षा केंद्रों के बाहर अपने बच्चों का हौसला बढ़ाते और इंतजार करते दिखे।
गुरुवार को गुड़गांव के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सीबीएसई की 12वीं कक्षा की साइकोलॉजी की परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई। परीक्षा खत्म होने के बाद बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी। कई छात्र परीक्षा से ठीक पहले तक नोट्स से रिवीजन करते हुए देखे गए। वहीं, अभिभावक भी अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए नजर आए।परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि पेपर में लंबे प्रश्न थे, जिन्होंने उन्हें थोड़ा उलझाया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अधिकतर सवाल सिलेबस और एनसीईआरटी की किताबों के आधार पर ही पूछे गए थे, इसलिए उन्हें समझने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई। एक बड़ी चुनौती पेपर का लंबा होना साबित हुआ। इस वजह से कई विद्यार्थियों को समय का सही तालमेल बिठाने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
खासकर केस स्टडी वाले प्रश्न और लंबे उत्तर लिखने वाले प्रश्नों में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया। कुछ छात्रों ने पेपर को आसान बताया, लेकिन लंबा होने की वजह से उन्हें आखिरी के कुछ प्रश्न जल्दी-जल्दी में पूरे करने पड़े। वहीं, कई छात्रों का मानना था कि जिन लोगों ने पहले से अच्छी तैयारी की थी, उनके लिए यह पेपर ज्यादा कठिन नहीं था।
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों का इंतजार कर रहे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्र बाहर निकले, तो उनके चेहरों पर खुशी और राहत साफ दिखाई दे रही थी।
शिक्षकों के अनुसार, प्रश्नपत्र काफी संतुलित था। सिलेबस के महत्वपूर्ण टॉपिक्स से ही सवाल पूछे गए थे। उनका मानना है कि जिन विद्यार्थियों ने नियमित रूप से पढ़ाई की और एनसीईआरटी पर ध्यान केंद्रित किया, उनके लिए यह पेपर अच्छे अंक दिलाने वाला साबित हो सकता है।