अस्पतालों में 300 से अधिक मरीज़ पहुंचे

नवभारत टाइम्स

गाजियाबाद के सरकारी अस्पतालों में होली के दिन 300 से अधिक मरीज पहुंचे। सड़क हादसों में 64 लोग घायल हुए। शराब के अत्यधिक सेवन से 34 लोगों की तबीयत बिगड़ी। मारपीट और आगजनी की घटनाओं में भी लोग घायल हुए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने दिनभर आपात स्थिति संभाली। एंबुलेंस सेवा ने करीब 150 मरीजों को अस्पताल पहुंचाया।

over 300 patients arrive at hospitals on holi conditions worsened by road accidents fights and alcohol consumption
गाजियाबाद में होली का त्योहार हंगामेदार रहा। सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी में दिनभर भीड़ लगी रही। सड़क हादसों, मारपीट, शराब के नशे और आगजनी जैसी घटनाओं में 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सुबह से देर रात तक इन घायलों का इलाज किया। एंबुलेंस सेवा ने करीब 150 से ज़्यादा लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाया।

सबसे ज़्यादा 64 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए। इसके अलावा, 45 गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया। मारपीट की 14 घटनाओं में भी लोग घायल हुए, जिन्हें भर्ती कराया गया। शराब के ज़्यादा सेवन से 34 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। आग से जलने के कारण 22 लोग अस्पताल पहुंचे। कुल 33 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया।
होली के मौके पर सरकारी अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। इमरजेंसी वार्ड मरीजों से खचाखच भरे थे। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार आपातकालीन स्थितियों से निपटना पड़ा। एंबुलेंस सेवा ने भी खूब काम किया और करीब 150 से ज़्यादा जरूरतमंदों को समय पर अस्पताल पहुंचाया।

सड़क हादसों में घायल होने वालों की संख्या सबसे ज़्यादा रही। 64 लोग इन हादसों में चोटिल हुए। वहीं, त्योहार के उल्लास के बीच 45 महिलाओं ने मातृत्व सुख का अनुभव किया और उन्हें प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया। मारपीट की घटनाओं में भी लोग घायल हुए, जिनकी संख्या 14 रही।

शराब के नशे में धुत होकर हंगामा करने वाले भी कम नहीं थे। 34 लोग शराब के अत्यधिक सेवन के कारण बीमार पड़े। आगजनी की घटनाओं में 22 लोग झुलस गए। इन सभी गंभीर मामलों में से 33 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजा गया।