CM को चेतावनी, हमारा समर्थन नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा

नवभारत टाइम्स

गुड़गांव के साइबर सिटी के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। खालिस्तान नेशनल आर्मी नामक संगठन ने यह धमकी दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने खालिस्तान जनमत संग्रह का समर्थन नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। स्कूलों में 1 बजकर 11 मिनट तक धमाके का दावा किया गया है।

cyber city schools threatened with bombing warning to cm bad consequences if no support
गुड़गांव साइबर सिटी में मंगलवार सुबह हड़कंप मच गया जब कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। ' खालिस्तान नेशनल आर्मी ' नामक संगठन ने यह धमकी दी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चेतावनी दी कि अगर वे हरियाणा विधानसभा में 'खालिस्तान जनमत संग्रह' का समर्थन नहीं करते तो अंजाम बुरा होगा। धमकी भरे मेल में "अपने बच्चे बचाओ" भी लिखा था और 1 बजकर 11 मिनट तक धमाका करने का दावा किया गया था। इस ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर क्राइम की टीमें जुट गई हैं।

सुबह 8 बजे जैसे ही स्कूलों ने अपने ई-मेल चेक किए, प्रशासन में खलबली मच गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। एहतियात के तौर पर, कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी। सेक्टर-14 स्थित डीएवी स्कूल सहित अन्य स्कूलों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने क्लासरूम से लेकर खेल के मैदानों तक हर जगह बारीकी से तलाशी ली।
ई-मेल मिलने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों को भी संदेश भेजे। इन संदेशों में आपात स्थिति में स्कूल बंद करने की सूचना दी गई। स्कूल बस से आने वाले बच्चों को तुरंत घर वापस भेज दिया गया। अभिभावकों से कहा गया कि वे ट्रैकर के माध्यम से बस की लोकेशन पर नजर रखें। यह धमकी भरा मेल 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' के नाम से भेजा गया था। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई थी। मेल में कहा गया था कि अगर मुख्यमंत्री हरियाणा विधानसभा में 'खालिस्तान जनमत संग्रह' का समर्थन नहीं करते हैं, तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। धमकी में यह भी लिखा था, "अपने बच्चे बचाओ।" मेल में यह भी दावा किया गया था कि स्कूलों में 1 बजकर 11 मिनट तक धमाका कर दिया जाएगा।

साइबर क्राइम की टीमें इस बात की जांच में जुटी हैं कि यह ई-मेल कहां से भेजा गया था। इस तरह की धमकी मिलने से स्कूलों में दहशत का माहौल बन गया था। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए एहतियाती कदम उठाए। कई स्कूलों ने बच्चों को घर भेज दिया और अभिभावकों को सूचित किया। पुलिस ने भी अपनी जांच तेज कर दी है ताकि धमकी देने वालों का पता लगाया जा सके।