बैंकों के डिविडेंड पर RBI की लगाम

नवभारत टाइम्स

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के मुनाफे के बंटवारे पर एक बड़ा फैसला लिया है। अब बैंक अपने टैक्स के बाद वाले मुनाफे का अधिकतम 75 प्रतिशत ही शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में दे पाएंगे। यह नियम वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होगा। बैंकों को डिविडेंड देने से पहले अपनी पूंजी की पर्याप्तता सुनिश्चित करनी होगी।

rbis big decision on bank dividends 75 profit limit set
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब बैंक अपने शेयरधारकों को मुनाफे का एक तय हिस्सा ही डिविडेंड के तौर पर दे पाएंगे। यह नियम वित्त वर्ष 2026-27 से लागू होगा। इसके तहत, बैंक अपने 'टैक्स काटने के बाद वाले मुनाफे' (PAT) का अधिकतम 75 प्रतिशत ही बांट सकेंगे। आरबीआई ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

नए नियमों के मुताबिक, बैंक डिविडेंड तभी दे पाएंगे जब उनके पास पर्याप्त पूंजी होगी। डिविडेंड देने के बाद भी बैंक की पूंजी एक तय सीमा से कम नहीं होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि बैंक आर्थिक रूप से मजबूत बने रहें।
इसके अलावा, भारत में काम करने वाले विदेशी बैंकों के लिए भी एक खास नियम बनाया गया है। ये विदेशी बैंक अपने हेड ऑफिस को मुनाफा तभी भेज पाएंगे जब उनका 'प्रॉफिट आफ्टर टैक्स' (PAT) पॉजिटिव यानी फायदे में होगा। यह नियम विदेशी बैंकों के लिए भी अपनी पूंजी को मजबूत रखने के लिए है।

सरल शब्दों में कहें तो, आरबीआई यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बैंक मुनाफा कमाने के साथ-साथ अपनी वित्तीय सेहत का भी ध्यान रखें। यह कदम बैंकिंग सिस्टम को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे शेयरधारकों को भी एक निश्चित सीमा तक ही मुनाफा मिलेगा, लेकिन बैंकों की स्थिरता बनी रहेगी।