Greater Noida Authoritys Survey Begins In 14 Villages Authority To Identify And Vacate Acquired Land
अधिग्रहीत ज़मीन चिह्नित करने को 14 गांवों में अथॉरिटी का सर्वे शुरू
नवभारत टाइम्स•
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने अपनी जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ग्रेनो वेस्ट के 14 गांवों में सरकारी जमीन को चिन्हित करने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। प्रत्येक गांव के लिए एक टीम लगाई गई है। यह सर्वे 15 दिनों में पूरा होगा।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने अपनी जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए कमर कस ली है। अथॉरिटी ने ग्रेनो वेस्ट के 14 गांवों में सरकारी जमीन की पहचान के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। हर गांव के लिए एक टीम बनाई गई है जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। अगर जमीन खाली मिली तो वहां फेंसिंग कराई जाएगी और अगर अतिक्रमण मिला तो उसे हटाया जाएगा। इस सर्वे से अथॉरिटी के पास अपनी जमीन का पूरा रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिसूचित इलाकों में सरकारी जमीन पर लगातार कब्जा हो रहा है। इस बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए अथॉरिटी ने अपनी जमीन को चिन्हित करने का फैसला किया है।पहले चरण में हैबतपुर, मिलक लच्छी, भनौता, जुनपत, तिलपता, तुगलपुर, सादुल्लापुर, बिसरख जलालपुर, खैरपुर गुर्जर, खेड़ा चौगानपुर, पतवारी, मलकपुर, बिरौंडी चक्रसेनपुर, साकीपुर और अजायबपुर जैसे गांवों को शामिल किया गया है।
हर गांव के लिए एक खास टीम बनाई गई है। इस टीम में नायब तहसीलदार, सहायक चकबंदी अधिकारी, वर्क सर्किल के प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक जैसे अधिकारी शामिल हैं। इन टीमों ने मंगलवार से ही सर्वे का काम शुरू कर दिया है।
टीमों को खसरा संख्या (जमीन का नंबर) के साथ अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर देनी होगी। सर्वे के बाद, जिन जगहों पर सरकारी जमीन खाली मिलेगी, वहां फेंसिंग (बाड़ लगाना) का काम किया जाएगा। अगर किसी भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा।
इस पूरे सर्वे का मुख्य उद्देश्य अथॉरिटी के पास अपनी जमीन का एक सटीक और पूरा डेटाबेस तैयार करना है। इससे भविष्य में जमीन पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को रोकना आसान हो जाएगा। यह अथॉरिटी की अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने की एक बड़ी पहल है।