n NBT रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा : यमुना अथॉरिटी के बाबुओं की कार्यप्रणाली आमजन पर भारी पड़ रही है। एक-एक साल तक फाइल उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचती हैं। ऐसे मामले सीईओ तक पहुंचे तो उन्होंने बाबुओं के काम का ब्योरा तलब किया है। उन्होंने दो महीने में फाइलों के निपटारे की जानकारी मांगी है। यमुना अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह बुधवार को जन सुनवाई कर रहे थे। एक आवंटी प्लाॅट के कब्जे को लेकर पहुंचा और बताया कि वह एक साल से चक्कर काट रहा है। उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सीईओ ने जब फाइल मंगाई तो पाया कि इस मामले में एक साल पहले आदेश दिए गए थे। इसकी जांच करते हुए निपटारा किया जाए। यह देख सीईओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को बुलाया और कहा कि इसमें जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई करिए। साथ ही पूछा कि सीआर सेल में शिकायत आने के बाद संबंधित बाबू के पास से होते हुए उच्च अफसरों तक मामला कब तक पहुंचता है।


