Stories Of Courage Echoed In Bike Rally Women Showed Bravery And Spirit
बाइक रैली में गूंजीं हौसले की कहानियां
नवभारत टाइम्स•
रविवार को कनॉट प्लेस से एनबीटी की ऑल वुमन बाइक रैली निकली। सैकड़ों महिलाओं ने बाइक और स्कूटर पर सवार होकर अपनी प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। मंजू शर्मा ने सास-बहू की जोड़ी को सुपरहिट बताया। 50 से अधिक उम्र की महिलाओं ने भी जोश दिखाया। कुसुम अग्रवाल और मधु वर्मा ने कहा कि वे बहुत कुछ कर सकती हैं।
नई दिल्ली: रविवार की सुबह कनॉट प्लेस से निकली NBT की ऑल वुमन बाइक रैली ने शहर की सड़कों पर एक अलग ही रंग भर दिया। सैकड़ों महिलाएं जब अपनी बाइक और स्कूटर पर सवार होकर निकलीं, तो यह सिर्फ एक रैली नहीं थी, बल्कि प्रेरणा की एक मिसाल थी। इस रैली की असली जान इसकी रफ्तार नहीं, बल्कि इसमें शामिल महिलाओं की बेमिसाल कहानियां थीं, जिन्होंने साबित किया कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।
इस रैली में एमसीडी कर्मचारी मंजू शर्मा अपनी सास लखपति देवी को पीछे बिठाकर लाईं। उनका मकसद यह दिखाना था कि सास-बहू की जोड़ी भी दुनिया में सुपरहिट हो सकती है। यह दिखाता है कि कैसे परिवार के रिश्ते भी मजबूत हो सकते हैं। लॉयंस क्लब की 50 से अधिक उम्र की महिलाओं का जोश युवाओं को भी मात दे रहा था। 58 साल की मधु शर्मा और ममता ने गर्व से कहा कि उन्हें महिला होने पर फक्र है। कुसुम अग्रवाल और 67 साल की मधु वर्मा ने कहा कि यहां आकर उन्हें एहसास हुआ कि वे भी बहुत कुछ कर सकती हैं।शाहदरा से आईं कुंती देवी ने एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि हर महिला को परिवार और अपने काम, दोनों में आगे बढ़ने का पूरा हक है। यह एक ऐसा संदेश है जो हर महिला को सशक्त बनाता है। तिलक नगर की मिनी कौर तो 24 सालों से बाइक चला रही हैं। यह उनकी सालों की मेहनत और आत्मविश्वास को दर्शाता है। शाहदरा की ममता चौहान ने 'रीयूज, रिड्यूस और रिसाइकल' यानी चीजों का दोबारा इस्तेमाल करो, कम इस्तेमाल करो और कचरा कम फैलाओ, का संदेश दिया। यह पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता को दिखाता है।
हरि नगर से आईं 63 साल की जसबीर कौर ने तो कमाल की बात कही। उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी काम मुश्किल नहीं है, और ड्राइविंग तो बिल्कुल भी नहीं। उनकी यह बात उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो कुछ नया सीखना चाहती हैं। यह रैली सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि हर किसी के लिए एक सीख थी कि उम्र या लिंग कोई बाधा नहीं है। हर कोई अपने सपने पूरे कर सकता है और समाज में अपनी पहचान बना सकता है। इन महिलाओं ने साबित कर दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और वे अपनी मेहनत और लगन से सब कुछ हासिल कर सकती हैं।