National Lok Adalat On March 14 Special Emphasis On Quick Resolution Of Electricity Bank And Challan Cases
लोक अदालत 14 को, बिजली, बैंक के मामलों पर होगा फोकस
नवभारत टाइम्स•
14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को बिजली, बैंक, चालान और राजस्व से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं। आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों का समाधान किया जाएगा।
लखनऊ: मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी कमिश्नर और डीएम को 14 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए खास निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा प्री-लिटिगेशन (यानी कोर्ट जाने से पहले सुलझाए जा सकने वाले) मामलों को पहचान कर उन्हें तुरंत निपटाया जाए। हर विभाग से एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। बिजली, चालान, और सभी बैंक संस्थानों के साथ मिलकर बैंक रिकवरी से जुड़े मामलों को सुलझाने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
बुधवार को डीएम-कमिश्नर के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने कहा कि बिजली विभाग अपने लंबित कोर्ट केसों की जानकारी दे, ताकि उन्हें लोक अदालत में निपटाया जा सके। इसी तरह, 31 दिसंबर 2021 तक के मोटर वाहन अधिनियम के चालानों का भी समाधान किया जाएगा। सभी डीएम, लीड डिस्ट्रिक मैनेजर की मदद से बैंकों से संपर्क कर बैंक रिकवरी के ज्यादा से ज्यादा मामलों को हल करवाएंगे।मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि 13 मार्च को तहसील प्रशासन के सहयोग से एक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका मकसद आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी बात की जाएगी। डीएम अपने अधिकारियों को नामांतरण, सीमा विवाद और बंटवारे जैसे मामलों को तुरंत निपटाने का निर्देश देंगे। राजस्व, चकबंदी, नगर निगम कर, हाउस और वाटर टैक्स, अतिक्रमण, खाद्य सुरक्षा, भूमि अधिग्रहण, परिवहन और आरटीओ चालान से जुड़े मामलों का भी ज्यादा से ज्यादा निपटारा किया जाएगा।
लोक अदालत परिसर में 'एक जिला एक उत्पाद' और जेल में बने उत्पादों के स्टॉल भी लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा, जिला न्यायालय, जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज परिसर में एक बड़ा हेल्थ कैंप भी आयोजित किया जा सकता है। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने छोटे-मोटे विवादों और लंबित मामलों को आसानी से सुलझाने का मौका मिल सके और उन्हें कोर्ट-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़ें। इस तरह की लोक अदालतें न्याय को आम आदमी तक पहुंचाने का एक प्रभावी जरिया बनती हैं। मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन करते हुए, सभी जिले इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसका सीधा फायदा आम जनता को होगा, जिनके कई सालों से अटके मामले सुलझ जाएंगे। यह एक बड़ा कदम है जो लोगों को राहत देगा और सरकारी तंत्र को भी सुचारू बनाने में मदद करेगा।