Ranganath Bhagwan Played Holi With Devotees While Seated In A Palanquin In Vrindavan Marking The End Of 40 day Braj Holi
विमान में विराजमान होकर रंगनाथ भगवान ने खेली भक्तों संग होली
नवभारत टाइम्स•
वृंदावन के रंगजी मंदिर में ब्रह्मोत्सव के छठवें दिन भगवान रंगनाथ ने भक्तों के साथ होली खेली। भगवान कांच के विमान में विराजमान होकर बड़े बगीचे तक निकले। इस दौरान अबीर-गुलाल और टेसू के रंग उड़े। भक्तों ने भी रंगों का आनंद लिया। इसी के साथ ब्रज की 40 दिन की होली का समापन हुआ।
मथुरा: वृंदावन के प्रसिद्ध रंगजी मंदिर में 10 दिवसीय ब्रह्मोत्सव का छठा दिन भक्तों के लिए बेहद खास रहा। इस दिन भगवान रंगनाथ ने कांच के विमान में सवार होकर भक्तों के साथ होली खेली। मंदिर से बड़े बगीचे तक निकली इस अनोखी सवारी में अबीर-गुलाल और टेसू के रंग खूब उड़े। इस रंगोत्सव के साथ ही ब्रज की 40 दिन तक चलने वाली होली का भी समापन हो गया।
उत्तर भारत के सबसे बड़े दक्षिण भारतीय शैली के रंगजी मंदिर में आयोजित ब्रह्मोत्सव के दौरान, भगवान गोदा रंगमन्नार कांच के विमान पर विराजमान हुए। उन्होंने भक्तों के बीच आकर होली का आनंद लिया। भगवान ठाकुरजी ने सफेद रंग के वस्त्र पहने थे। वेद मंत्रों के बीच उनका पूजन-अर्चन किया गया और प्राकृतिक अबीर-गुलाल अर्पित किया गया।इसके बाद, मंदिर के जगमोहन में चांदी की पिचकारी से टेसू के फूलों से बने रंगों की बौछार की गई। इस रंगीन छटा से पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। पुजारियों ने विमान से भक्तों पर पिचकारी से रंग बरसाए। अबीर-गुलाल की बौछार के बीच, गोविंद घेरा के क्षत्रिय समाज की महिलाओं ने प्रेम से लाठियां बरसाकर परंपरागत हुरंगा की झलक पेश की। यह दृश्य देखने लायक था, जिसमें भक्ति और उल्लास का संगम नजर आया। भक्त भी रंगों में सराबोर होकर झूमते रहे।