ज़मीन विवाद था, SC-ST एक्ट में केस दर्ज कराया तो किसान ने की आत्महत्या

नवभारत टाइम्स

रेवाड़ी के कोसली क्षेत्र में जमीन के कब्जे को लेकर हुए विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया। एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने से आहत एक किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान ने सुसाइड नोट में पांच लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।

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रेवाड़ी: जमीन के झगड़े में फंसा एक परिवार, एससी-एसटी केस दर्ज होने से आहत किसान ने की आत्महत्या , पांच पर केस दर्ज।

कोसली क्षेत्र के गांव जखाला में जमीन पर कब्जे को लेकर दो परिवारों में चल रहा विवाद एक दुखद मोड़ पर आ गया। बलबीर सिंह और कपिल देव के परिवारों के बीच 18 कनाल जमीन को लेकर लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। इसी बीच, बलबीर सिंह ने कपिल देव और उनके परिवार के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया। इस कार्रवाई से आहत होकर 45 वर्षीय कपिल देव ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने पांच लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर इन पांचों लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
कपिल देव के बेटे लव यादव ने बताया कि जमीन पर दोनों परिवारों का कब्जा था। कुछ दिन पहले हुए झगड़े के बाद बलबीर सिंह ने उनके पिता सहित परिवार के चार लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज करवा दिया था। इस बात से उनके पिता बहुत दुखी थे और उन्होंने रात में पेड़ पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट में उन्होंने मौत का जिम्मेदार बलबीर और उसके परिवार को बताया है।

कोसली के डीएसपी विद्यानन्द, जो एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच कर रहे हैं, ने बताया कि जमीन को लेकर दोनों परिवारों में विवाद चल रहा था। बलबीर सिंह की शिकायत पर पहले केस दर्ज किया गया था। अब कपिल देव की जेब से मिले सुसाइड नोट के आधार पर उसमें नामजद लोगों के खिलाफ भी आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला दर्ज किया गया है। यह घटना जमीन के विवादों में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग और उसके गंभीर परिणामों की ओर इशारा करती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।