गोल्ड इंपोर्ट में बढ़ोतरी

नवभारत टाइम्स

फरवरी में निर्यात में गिरावट आई। इसका मुख्य कारण पेट्रोलियम शिपमेंट्स की वैल्यू कम होना रहा। वहीं, सोने और चांदी के आयात में भारी बढ़ोतरी हुई। गोल्ड इंपोर्ट 218.55% बढ़कर 7.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। सिल्वर इंपोर्ट भी 285.23% बढ़कर 1.66 बिलियन डॉलर रहा। इस वजह से ट्रेड डेफिसिट में वृद्धि हुई।

gold import surges trade deficit widens due to gold and silver imports
फरवरी में निर्यात में गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात मूल्य में कमी आना रहा। वहीं, सोने-चांदी के आयात में भारी वृद्धि के चलते व्यापार घाटा ( ट्रेड डेफिसिट ) बढ़ गया। अग्रवाल के अनुसार, सोने का आयात पिछले साल की तुलना में 218.55% बढ़कर 7.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि चांदी का आयात 285.23% बढ़कर 1.66 बिलियन डॉलर हो गया।

यह स्थिति देश के व्यापार संतुलन पर असर डाल रही है। पेट्रोलियम शिपमेंट्स के मूल्य में कमी आने से निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। दूसरी ओर, सोने और चांदी की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई, जिसके कारण इनका आयात काफी बढ़ गया। इस बढ़े हुए आयात ने व्यापार घाटे को और गहरा कर दिया।
सोने का आयात पिछले साल के मुकाबले 218.55% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ 7.45 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह, चांदी का आयात भी 285.23% की भारी उछाल के साथ 1.66 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया। यह दिखाता है कि कीमती धातुओं की मांग कितनी तेजी से बढ़ी है।