फरवरी में थोक महंगाई 11 महीनों में सबसे ज़्यादा, और बढ़ने के आसार

नवभारत टाइम्स

फरवरी में थोक महंगाई दर 11 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों और कारखानों में बनी चीजों के भावों में वृद्धि इसका मुख्य कारण है। विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च में भी महंगाई दर अधिक रहने की संभावना है। क्रूड ऑयल और एलपीजी के बढ़ते दामों का असर आने वाले आंकड़ों पर दिखेगा।

फरवरी में थोक महंगाई 11 महीनों में सबसे ज़्यादा, और बढ़ने के आसार
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : खाद्य पदार्थों और कारखानों में बनी चीजों के भाव बढ़ने से फरवरी में थोक महंगाई दर 11 महीनों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, होलसेल प्राइस इंडेक्स ( WPI ) आधारित महंगाई दर 2.13% रही। यह सालभर पहले के इसी महीने के 2.45% से कम है, लेकिन तस्वीर यह है कि महंगाई दर लगातार चौथे महीने बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के आंकड़े भी ज्यादा रहेंगे क्योंकि इस पर क्रूड ऑयल और LPG के ऊंचे भाव का असर दिखेगा।

जनवरी में थोक महंगाई दर 1.81% थी। वहां से फरवरी में महंगाई दर 0.25% बढ़ी है। मंत्रालय के मुताबिक, फरवरी में खाने-पीने की चीजों में महंगाई दर 2.19% रही, जो जनवरी में 1.55% थी। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने कहा, 'होलसेल इंफ्लेशन मार्च से तेजी से बढ़ेगी। बेस इफेक्ट के साथ इसमें क्रूड ऑयल के ऊंचे भाव का असर भी दिखना शुरू होगा।'