Navratris Third Day Worship Of Maa Chandraghanta Huge Crowd Of Devotees In Temples
नवरात्र के तीसरे दिन हुई मां चंद्रघंटा की पूजा
नवभारत टाइम्स•
नवरात्र का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित रहा। शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्री शीतला देवी मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों का आना-जाना लगा रहा। वीकेंड के कारण श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। पंचमी के बाद भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और कल्याण का प्रतीक हैं।
नवरात्र के तीसरे दिन, गुड़गांव के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई, जहाँ उन्होंने नवदुर्गा के स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वीकेंड होने के कारण श्री शीतला देवी मंदिर और श्री एसएन सिद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। भक्त लंबी कतारों में लगकर मां के दर्शन कर रहे थे और परिवार की सुख-समृद्धि व कल्याण की कामना कर रहे थे।
श्री शीतला देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश शुक्ल ने बताया कि मंदिर पूरे दिन दर्शन के लिए खुला रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि इन दिनों बच्चों के मुंडन संस्कार भी पूरी श्रद्धा से किए जा रहे हैं। आचार्य शुक्ल ने उम्मीद जताई कि पंचमी के बाद भक्तों की संख्या में और भी वृद्धि होगी।श्री एसएन सिद्धेश्वर मंदिर के पुजारी लक्ष्मी कांत गोस्वामी ने मां चंद्रघंटा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मां चंद्रघंटा को शांति, साहस और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। मां बाघ पर सवार होती हैं और उनके मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित होता है, इसी कारण उन्हें मां चंद्रघंटा कहा जाता है।
पूरे नौ दिनों तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ बनी रहती है। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना कर रहे हैं। नवरात्र का यह पावन अवसर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है, जहाँ वे मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं।