Dinesh.Mishra
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n नोएडा : काली कमाई खपाने के लिए देशभर के अमीरों ने जिले में बड़ी संख्या में बेनामी जमीन खरीदी हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ ईडी के साथ आयकर विभाग की पिछले कुछ साल से चल रही कार्रवाई अब तेज हो गई है। नोएडा में बेनामी संपत्तियों के खरीदारों की पड़ताल करने के लिए आयकर विभाग की जांच के दौरान अब तक ढाई हजार से ज्यादा ऐसी रजिस्ट्री के बारे में जानकारी मिली, जिनमें गलत आधार और पैन कार्ड का उपयोग किया गया है। इन जमीनों के खरीदारों के खिलाफ आयकर विभाग से मिल रही जांच रिपोर्ट के आधार ईडी ने भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आयकर विभाग ने गौतमबुद्ध नगर के रजिस्ट्री विभाग से 3500 रजिस्ट्री के दस्तावेज जांच के लिए तलब किए थे। इनकी जांच के दौरान 2500 से ज्यादा रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर का मामला पकड़ा गया। चार साल के दौरान एक हजार से ज्यादा और रजिस्ट्री में गलत आधार कार्ड व पैन कार्ड का उपयोग करके बेनामी संपत्तियां खरीदने के मामला सामने आए। फर्जी आधार व पैन कार्ड से जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त के इतने मामलों के पकड़े जाने के बाद प्रदेश सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री में फरवरी में आधार का सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।
बेनामी संपत्तियों का पता चलने पर रजिस्ट्री पर रोक
जिले में काली कमाई को खपाने के लिए बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के बारे में पता चलने के बाद ईडी भी ऐसे लोगों के खिलाफ सक्रिय हो गई है। जिले में तमाम संपत्तियों के बारे में पता चलने पर ईडी के ऐसे धन कुबेरों के बारे जांच करने के साथ इन जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाई है। जिन पर रोक लगाई गई है उनमें से फ्लैट नंबर 9सी, नौंवा तल, मेघदूतम, प्लॉट नंबर एफ-21 सेक्टर 50 शामिल हैं। अचल संपत्ति के रूप में घोषित सेक्टर-143 की प्लॉट संख्या 3ए, स्थित गुलशन इकेबाना सोसायटी के सातवें फ्लोर स्थित बी-073 नंबर फ्लैट पर भी प्रवर्तन निदेशालय की रोक है। वाइट हाउस के नाम से नोएडा में बनाए जा रहे टावर नंबर पांच की रजिस्ट्री कराने पर भी रोक लगी है।

